जमशेदपुर: मानगो डिमना चौक स्थित एमजीएम अस्पताल में आउटसोर्सिंग के तहत कार्यरत कर्मचारियों के शैक्षणिक और तकनीकी प्रमाणपत्रों की जांच प्रक्रिया शुरू हो गई है। अस्पताल प्रबंधन ने अधीक्षक डॉ. आर.के. मंधान के निर्देश पर इस कार्य के लिए तीन सदस्यीय समिति का गठन किया है।
जांच समिति में डॉ. नकुल चौधरी को अध्यक्ष, जबकि डॉ. ललित मिंज और डॉ. नारायण उरांव को सदस्य बनाया गया है। समिति ने सभी विभागों के लिए जांच की तिथियाँ तय कर दी हैं।
शनिवार को प्रक्रिया की शुरुआत की गई, जिसमें रेडियोग्राफर, ईसीजी टेक्नीशियन, ऑडियोमेट्रिशियन, आप्थल्मोलॉजी, ओटी टेक्नीशियन और सीएसएसडी सहायकों के दस्तावेजों की जांच की गई।
अगली जांच 3 नवंबर को होगी, जिसमें सोशल वर्कर, काउंसलर, कंप्यूटर ऑपरेटर, ड्रग रूम सहायक, स्टोर कीपर और इलेक्ट्रिशियन के प्रमाणपत्र देखे जाएंगे।
4 नवंबर को प्लंबर, ड्राइवर, माली, प्यून और दाई वर्ग के दस्तावेज जांचे जाएंगे, जबकि 5 नवंबर को वार्ड अटेंडेंट्स की जांच होगी।
सबसे लंबी जांच प्रक्रिया नर्सिंग स्टाफ की होगी, जो 6 नवंबर से 15 नवंबर तक चलेगी। इस दौरान नर्सों के सभी शैक्षणिक और तकनीकी दस्तावेजों की बारीकी से जांच की जाएगी।
अधीक्षक डॉ. आर.के. मंधान ने बताया कि जांच प्रक्रिया पूरी पारदर्शिता के साथ की जाएगी। उन्होंने कहा कि एमजीएम अस्पताल की सेवा प्रणाली को बेहतर और पेशेवर बनाए रखने के लिए यह कदम जरूरी है।
अस्पताल प्रबंधन ने सभी संबंधित कर्मचारियों को निर्देश दिया है कि वे तय तिथि पर अपने सभी मूल दस्तावेज जांच समिति के समक्ष प्रस्तुत करें। प्रबंधन ने यह भी स्पष्ट किया कि अगर किसी के दस्तावेज फर्जी या संदिग्ध पाए गए, तो उसके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।
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