सरायकेला : ईचागढ़ की विधायक सविता महतो ने झारखंड विधानसभा में चांडिल डैम से विस्थापित हुए लोगों के पुनर्वास का मामला उठाया. उन्होंने बताया कि चांडिल डैम के निर्माण से विस्थापित हुए लोगों के लिए कुल 22 स्थल चिन्हित किए गए थे, लेकिन इनमें से केवल 13 स्थलों को ही आधा-अधूरा विकसित किया गया है.
अभी भी कई गांवों का पुनर्वास अधूरा
विधायक सविता महतो ने यह भी जानकारी दी कि माकुला, सितु, कुन्द्रीलोंग, घाघारी, बान्दु, झीमरी, मुरगडीह और चाकरी जैसे गांवों को अब तक विकसित नहीं किया गया है. यह गांव अभी भी पुनर्वास से वंचित हैं, जबकि इन गांवों के लोग वर्षों से विस्थापित हो चुके हैं.
भूखंडों का वितरण और खाली भूखंडों की स्थिति
सविता महतो ने यह भी बताया कि 13 पुनर्वास स्थलों में कुल 4342 आवासीय भूखंड हैं, जिनमें से 2641 भूखंड विस्थापितों को आवंटित किए गए हैं. वहीं, 1701 भूखंड अभी भी खाली पड़े हैं, जिन्हें अब तक किसी को आवंटित नहीं किया गया है.
सरकार की पुनर्वास नीति पर सवाल
विधायक सविता महतो ने झारखंड सरकार से यह सवाल भी किया कि क्या सरकार की पुनर्वास नीति के तहत विस्थापितों को नियोजित किए जाने का कोई प्रावधान है, लेकिन उनका यह सवाल सरकार द्वारा अस्वीकार कर दिया गया.
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