जगन्नाथपुर: झारखंड के हो जनजातियों का प्रमुख माघे पर्व जगन्नाथपुर विधानसभा अंतर्गत जिन्तुगाड़ा गाँव में धूमधाम से मनाया गया. इस विशेष अवसर पर विधायक सोनाराम सिंकु के आवास पर जिला कांग्रेस कमिटी, पश्चिमी सिंहभूम के पदाधिकारियों ने भाग लिया और सेबरे के उच्चारण के साथ एक-दूसरे को पर्व की बधाई दी. इस पर्व ने सभी को प्रकृति के साथ सामंजस्य स्थापित करने की प्रेरणा दी.
विधायक का संदेश और पर्व का महत्व
विधायक सोनाराम सिंकु ने इस पर्व के महत्व को बताते हुए कहा कि माघे पर्व पर सिंहबोंगा (ईश्वर) ने प्राकृतिक संसाधनों की रक्षा के लिए मानव जैसे विवेकशील प्राणी की उत्पत्ति की थी. यह पर्व हमें उस उद्देश्य की याद दिलाता है, जिसके लिए जन्मदाता ने मानव जीवन को संसार में भेजा है. इस समय की परिप्रेक्ष्य में यह उद्देश्य और भी प्रासंगिक हो जाता है. उन्होंने कहा कि माघे पर्व प्राकृतिक संसाधनों के महत्व को समझाने का एक सशक्त माध्यम है और हमें इन संसाधनों का संरक्षण करने की दिशा में निरंतर प्रयास करना चाहिए.
मांदर की थाप पर थिरकते कांग्रेसी
पारंपरिक व्यंजनों का सेवन करने के बाद, सभी ने शांति और सुखमय जीवन की कामना करते हुए मांदर की थाप पर जमकर थिरकते हुए इस पर्व को बड़े धूमधाम से मनाया. इस मौके पर प्रेम और सदभावना का संदेश दिया गया और सभी ने मिलकर शांतिपूर्ण और खुशहाल जीवन की कामना की.
कांग्रेस के अन्य पदाधिकारी भी मौजूद
इस अवसर पर कांग्रेस जिलाध्यक्ष चंद्रशेखर दास, जिला बीस सूत्री सदस्य त्रिशानु राय, ओबीसी प्रकोष्ठ के मायाधर बेहरा, रितेश तामसोय, शरण पान, जिला उपाध्यक्ष जय प्रकाश महतो, प्रखंड अध्यक्ष ललित कुमार दोराईबुरु, मंजीत प्रधान, सीताराम गोप और अन्य कई कांग्रेसी नेताओं की उपस्थिति ने इस कार्यक्रम को और भी समृद्ध बना दिया.
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