पोटका: गोड़ाडीह के खुकड़ाडीह हाई स्कूल में अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर डॉ. प्रियांशी ने छात्रों को एनीमिया से बचने के उपायों के बारे में जागरूक किया. इस अवसर पर डॉ. प्रियांशी ने विद्यालय में पहुंचकर छात्राओं के साथ महिला दिवस मनाया और उन्हें एनीमिया से बचाव के बारे में जानकारी दी.
एनीमिया के लक्षण और बचाव के उपाय
डॉ. प्रियांशी ने बताया कि एनीमिया की समस्या का पता निम्नलिखित लक्षणों से चलता है- कमजोरी, हीमोग्लोबिन की कमी, कभी-कभी सिर का चक्कर आना आदि. यदि कोई व्यक्ति इन लक्षणों का अनुभव करता है, तो उसे एनीमिया हो सकता है. उन्होंने इस समस्या से निपटने के लिए आयरन टेबलेट लेने की सलाह दी. इसके अलावा, प्राकृतिक तरीके से रक्त बढ़ाने के लिए पालक, बीटरूट जैसी हरी साग-सब्जियों का सेवन करने को कहा. साथ ही, अंडा, मछली और मुर्गा खाने से भी शरीर में खून की कमी को दूर किया जा सकता है.
स्वस्थ शरीर, स्वस्थ मन का संदेश
डॉ. प्रियांशी ने छात्रों को यह भी बताया कि “स्वस्थ शरीर में ही स्वस्थ मन का वास होता है.” उन्होंने कहा कि यदि शरीर स्वस्थ रहेगा तो ही व्यक्ति किसी भी काम में मन लगा सकेगा. इसलिए संतुलित आहार लेना अत्यंत महत्वपूर्ण है. इस अवसर पर विद्यालय की शिक्षिकाएं भी उपस्थित थीं और उन्होंने डॉ. प्रियांशी के संदेश को सराहा.
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