जमशेदपुर: गुरुद्वारा प्रबंधक कमिटी, साकची के प्रधान सरदार निशान सिंह ने साकची कमिटी के सदस्यों, स्त्री सत्संग सभा और सुखमणि साहिब कीर्तनी जत्थे को पंजाबी फिल्म “अकाल: द अनकॉन्कर्ड” दिखाकर सिखों के शौर्य को सराहा और उसे अपना प्रेरणास्त्रोत बनाने का आह्वान किया.
“अकाल” फिल्म का विशेष प्रदर्शन
सोमवार को खालसा सृजन दिहाड़े-बैसाखी के पावन अवसर पर साकची कमिटी के सदस्य, स्त्री सत्संग सभा और सुखमणि साहिब कीर्तनी जत्था ने मिराज सिनेमा में सिंगल स्क्रीन पर गिप्पी ग्रेवाल अभिनीत पंजाबी फिल्म “अकाल” देखी. इस फिल्म को देखकर सभी ने इसके अद्वितीय दृष्टिकोण और सिखों के साहस को सराहा.
फिल्म के रात्रि शो में भाग लेने वाली बीबियों और अन्य दर्शकों ने इसे बेहतरीन रूप से प्रस्तुत किया गया मानते हुए सराहा.

फिल्म के निर्माता और कलाकारों की सराहना
मिराज सिनेमा के संचालक हरीश सिंह ने साकची गुरुद्वारा प्रबंधक कमिटी का स्वागत किया, और सरदार निशान सिंह ने विशेष व्यवस्था करने के लिए उनका धन्यवाद ज्ञापित किया.
सरदार निशान सिंह ने कहा कि करण जौहर द्वारा निर्मित गिप्पी ग्रेवाल की फिल्म “अकाल” सिखों की बहादुरी के इतिहास को सही मायनों में प्रदर्शित करती है. उन्होंने इस तरह की फिल्मों की आवश्यकता जताई ताकि सिखों के अद्वितीय साहस को दुनिया के सामने रखा जा सके.
सिखों के इतिहास को समझने का महत्वपूर्ण अवसर
महासचिव परमजीत सिंह काले ने भी फिल्म की सराहना करते हुए कहा कि सभी कलाकारों ने अपनी भूमिकाओं को खूबसूरती से निभाया है, विशेष रूप से गिप्पी ग्रेवाल, जिन्होंने अकाल सिंह के बेटे का किरदार निभाया.
इंद्रजीत सिंह निक्कू और सतनाम सिंह घुम्मन ने फिल्म की व्यापकता को स्वीकार करते हुए कहा कि यह फिल्म केवल सिखों के लिए नहीं, बल्कि पूरे भारतीय समाज के लिए है. यह जानना ज़रूरी है कि सिखों ने मुगलों के अत्याचार का कैसे जवाब दिया, बिना किसी नैतिक सीमा को लांघे.
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