झाड़ग्राम : टीबी के खिलाफ झाड़ग्राम में चल रही मुहिम अब स्कूलों की चौखट तक पहुंच गई है। बिनपुर-द्वितीय सर्किल में आयोजित जागरूकता कार्यशाला में करीब 109 नोडल शिक्षकों ने हिस्सा लेकर टीबी की पहचान, जांच, उपचार और बचाव की जानकारी ली। अब यही शिक्षक विद्यार्थियों के साथ उनके परिवारों तक टीबी से बचाव का संदेश पहुंचाएंगे।
प्राथमिक से उच्च माध्यमिक और एनआईजी स्कूलों के शिक्षकों को बताया गया कि लंबे समय तक खांसी, बुखार या लगातार वजन कम होना जैसे लक्षणों को नजरअंदाज करना बीमारी को गंभीर बना सकता है। जिला स्वास्थ्य विभाग के डीटीओ सह जिला स्वास्थ्य योजना अधिकारी डॉ. गौतम पाइक ने समय पर जांच और इलाज पूरा करने को टीबी से मुक्ति का सबसे प्रभावी रास्ता बताया। उन्होंने मरीजों के प्रति संवेदनशील रवैया अपनाने और बीमारी को लेकर फैली भ्रांतियां दूर करने पर भी जोर दिया।
कार्यशाला में जागरूकता के साथ मदद का संदेश भी सामने आया। ‘निक्षय मित्र’ पहल के तहत छह शिक्षकों और शिक्षा विभाग से जुड़े अधिकारियों ने छह टीबी मरीजों की जिम्मेदारी ली। इन मरीजों को अगले छह महीने तक खाद्य सामग्री उपलब्ध कराई जाएगी।
अवर विद्यालय निरीक्षक प्रकाश नाथ ने शिक्षकों से कार्यशाला की जानकारी विद्यार्थियों और उनके परिवारों तक पहुंचाने की अपील की। उन्होंने अन्य शिक्षकों से भी कम से कम एक टीबी मरीज की मदद के लिए आगे आने का आह्वान किया। कार्यक्रम के आयोजन में एथेला जूनियर हाई स्कूल के प्रभारी शिक्षक कौशिक चटर्जी की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
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