आदित्यपुर: मजदूर दिवस के अवसर पर युवा जनशक्ति मोर्चा झारखंड के राष्ट्रीय अध्यक्ष अभय झा ने प्रदेश के श्रमिकों को शुभकामनाएं दीं और साथ ही मजदूरों के शोषण पर तीखी प्रतिक्रिया भी दी. उन्होंने कहा कि झारखंड में कई औद्योगिक इकाइयों में श्रमिकों से 12 घंटे काम कराया जाता है, जबकि न्यूनतम सरकारी दर 400 रुपये 8 घंटे तय है.
ठेकेदारी प्रथा को बताया सामाजिक कैंसर
अभय झा ने कहा कि कंपनियों में प्रचलित ठेकेदारी प्रणाली एक कैंसर बन चुकी है. मजदूरों से अधिक काम लिया जाता है, लेकिन उन्हें न पीएफ मिलता है, न ईएसआई की सुविधा. आदित्यपुर औद्योगिक क्षेत्र में कई कंपनियों की यही स्थिति है.
अन्याय हुआ तो बंद होगा शटर
अध्यक्ष ने स्पष्ट किया कि यदि किसी भी कंपनी में श्रमिकों का शोषण हुआ या उन्हें उनका उचित अधिकार नहीं मिला, तो युवा जनशक्ति मोर्चा उस कंपनी का शटर बंद कराने से पीछे नहीं हटेगा. उन्होंने कहा, “चाहे सामने कितना भी ताकतवर प्रबंधन क्यों न हो, मोर्चा हर मजदूर के अधिकार के लिए लड़ाई लड़ेगा.”
मजदूर दिवस एक चेतावनी है, महज़ रस्म नहीं
अभय झा ने कहा कि मजदूर दिवस केवल औपचारिकता नहीं, बल्कि यह हमें यह याद दिलाने का दिन है कि हर कार्य – चाहे छोटा हो या बड़ा – मूल्यवान है. और हर श्रमिक को सम्मानजनक जीवन जीने का अधिकार है.
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