नई दिल्ली: भारत ने रेल यातायात के क्षेत्र में एक ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश के पहले 9000 हॉर्सपावर (HP) क्षमता वाले इलेक्ट्रिक लोकोमोटिव को राष्ट्र को समर्पित किया. यह लोकोमोटिव न केवल भारतीय रेलवे की ताकत को और अधिक बढ़ाएगा, बल्कि ‘मेक इन इंडिया’ और ‘आत्मनिर्भर भारत’ की दिशा में भी एक बड़ा कदम है.
आत्मनिर्भर भारत की दिशा में एक सशक्त संकेत
इस लोकोमोटिव को अत्याधुनिक तकनीक के साथ विकसित किया गया है और यह पूरी तरह से भारत में निर्मित है. यह नई पीढ़ी का इंजन तेज गति, अधिक भार वहन क्षमता और ऊर्जा दक्षता के साथ रेलवे संचालन को और अधिक प्रभावशाली बनाएगा.
प्रधानमंत्री ने कार्यक्रम के दौरान कहा, “9000 HP का यह लोकोमोटिव भारत की तकनीकी और औद्योगिक क्षमता का प्रमाण है. यह केवल एक इंजन नहीं, बल्कि आत्मनिर्भर भारत की दिशा में एक सशक्त संकेत है.”
इस मौके पर रेलवे मंत्री Ashwini Vaishnaw सहित कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे. उन्होंने भी इस उपलब्धि की सराहना करते हुए कहा कि यह लोकोमोटिव भारत को दुनिया की सबसे आधुनिक रेल व्यवस्थाओं की श्रेणी में स्थापित करेगा.
9000 HP इलेक्ट्रिक लोकोमोटिव की विशेषताएँ:
•शक्ति: 9000 हॉर्सपावर की क्षमता, जो कि अब तक का सबसे शक्तिशाली भारतीय इंजन है.
•गति: उच्च गति पर भारी माल ढुलाई में सक्षम.
•ऊर्जा दक्षता: आधुनिक तकनीक से सुसज्जित, जिससे ऊर्जा की खपत में कमी और संचालन की लागत में बचत होगी.
* पर्यावरण मित्रता: 100% इलेक्ट्रिक होने के कारण यह पर्यावरण के प्रति उत्तरदायी है.
इस लोकोमोटिव का उपयोग मुख्य रूप से मालगाड़ियों के संचालन में किया जाएगा, जिससे न केवल गति बढ़ेगी, बल्कि समय और लागत की भी बचत होगी। यह भारतीय रेलवे के मिशन ‘नेट जीरो कार्बन उत्सर्जन’ में भी सहायक सिद्ध होगा.




















































