
चाईबासा: प्रतिबंधित नक्सली संगठन भाकपा (माओवादी) के बड़े नेता—मिसिर बेसरा, अनमोल, असीम मंडल, अजय महतो, सागेन अंगरिया, पिंटु लोहरा, अमित हांसदा उर्फ अपटन, जयकांत, रापा मुंडा समेत कई अन्य—सारंडा और कोल्हान क्षेत्र में अपने दस्ता सदस्यों के साथ विध्वंसक गतिविधियों की तैयारी में जुटे हैं।
इन इनपुट्स के आधार पर राज्य पुलिस, सीआरपीएफ, कोबरा और झारखंड जगुआर की टीमों ने इलाके में संयुक्त सर्च ऑपरेशन तेज कर दिया है।
18 जुलाई को पश्चिमी सिंहभूम पुलिस अधीक्षक को गुप्त सूचना मिली कि माओवादी उग्रवादियों ने टोकलो (चाईबासा) और कुचाई (सरायकेला) के सीमावर्ती जंगलों में विस्फोटक सामग्री छिपा रखी है। उनका उद्देश्य सुरक्षा बलों के अभियान को नुकसान पहुंचाना था।
इस इनपुट के बाद 19 जुलाई से संयुक्त सर्च अभियान शुरू किया गया।
जंगल से बरामद हुए IEDvऔर ग्रेनेड
20 जुलाई को सर्च अभियान के दौरान सुरक्षा बलों को जंगल के भीतर गहराई में छिपाकर रखे गए भारी विस्फोटक मिले। इनमें शामिल हैं—
लगभग 14 आईईडी (प्रत्येक का वजन 2 किलो)
स्वदेशी हैंड ग्रेनेड
अमोनियम नाइट्रेट पाउडर
पटाखा पाउडर
स्टील कंटेनर
इन सभी को मौके पर ही बम निरोधक दस्ते की मदद से सुरक्षित तरीके से नष्ट किया गया।
अभियान में शामिल बल
चाईबासा पुलिस
सरायकेला-खरसावां पुलिस
झारखंड जगुआर
सीआरपीएफ (60वीं बटालियन)
पुलिस ने बताया कि बरामद विस्फोटक सामग्रियों से यह स्पष्ट है कि माओवादी बड़ी घटना को अंजाम देने की योजना बना रहे थे। फिलहाल इलाके में तलाशी अभियान और तेज कर दिया गया है।
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