
मुरी: संयुक्त किसान मोर्चा की बैठक रविवार को बिमल दास की अध्यक्षता में हुई। बैठक की शुरुआत झारखंड आंदोलन के नायक और राज्य निर्माण में अहम भूमिका निभाने वाले शिबू सोरेन को श्रद्धांजलि देकर हुई।
शिबू सोरेन को श्रद्धांजलि
बैठक में बताया गया कि 27 नवंबर 1993 को महाजनी प्रथा के खिलाफ संघर्ष में उनके पिता सोबरन सोरेन की हत्या के बाद 4 फरवरी 1972 को शिबू सोरेन झामुमो के महासचिव बने। 1975 में आपातकाल के दौरान जेल में रहे। 7 अगस्त 1995 को वे झारखंड क्षेत्र स्वायत परिषद के अध्यक्ष बने। 23 मई 2004 को केन्द्रीय कोयला मंत्री बने और 3 मार्च 2005 को 10 दिनों के लिए झारखंड के मुख्यमंत्री रहे। बाद में दो बार 5-5 महीने तक मुख्यमंत्री रहे। करीब तीन दशक तक झामुमो के अध्यक्ष रहे और झारखंड निर्माण में उनका योगदान सर्वोपरि रहा। महाजनों के खिलाफ संघर्ष में उन्होंने वर्षों तक भूमिगत रहकर आंदोलन किया।
13 अगस्त को देशव्यापी आंदोलन
बैठक में तय किया गया कि 13 अगस्त को “बहुराष्ट्रीय कंपनी भारत छोड़ो – कारपोरेट खेती छोड़ो” दिवस मनाया जाएगा। इस दिन अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का देशव्यापी पुतला दहन किया जाएगा।
विरोध का मुख्य मुद्दा अमेरिकी कृषि उत्पादों के लिए भारतीय बाजार खोलने के समझौते को बताया गया, जिसे किसान संगठनों ने देश के किसानों के लिए घातक बताया है। यह विरोध झारखंड के सभी जिला मुख्यालयों, प्रखंडों और गांवों में होगा।
बैठक में झारखंड राज्य किसान सभा के अध्यक्ष सुफल महतो, महासचिव सुरजीत सिन्हा, संयुक्त सचिव असिम सरकार, स्वपन महतो, मदुवा कच्छप, अखिल भारतीय किसान सभा के महासचिव पुष्कर महंतों, केडी सिंह, किसान महासभा के अध्यक्ष बी.एन. सिंह, अखिल भारतीय किसान खेत मजदूर संगठन के अध्यक्ष बिमल दास, प्रबोध महतो, रामलाल महतो, विरेन्द्र भगत, राजेश कुमार सिंह और जगन्नाथ रजवाड़ मौजूद रहे।
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