
जमुई : बिहार के जमुई जिले के आमीन गांव में मतदाता सूची संशोधन के दौरान चौंकाने वाली गड़बड़ियां सामने आई हैं। चौड़ीहा पंचायत के वार्ड नंबर 3 में स्थित मकान संख्या-3 में 230 लोगों के नाम दर्ज पाए गए, जिनमें 10 से 15 लोग ऐसे हैं जिनकी मृत्यु 3 से 5 साल पहले हो चुकी है। उदाहरण के तौर पर, मो. अलीजान की पत्नी कौशल खातून, जिनका निधन तीन साल पहले हुआ था, का नाम अभी भी सूची में मौजूद है।
ग्रामीणों का आरोप है कि बूथ लेवल ऑफिसर (बीएलओ) राजीव कुमार और गौतम कुमार ने घर-घर जाकर सत्यापन करने के बजाय गांव के बाहर एक पेड़ के नीचे बैठकर फॉर्म भर दिए, बिना पते की पुष्टि किए और बिना संबंधित लोगों के हस्ताक्षर लिए। यह गड़बड़ी तब सामने आई जब ग्रामीणों को वोटर लिस्ट की फोटोकॉपी मिली और उन्होंने उसमें विसंगतियां देखीं।
बीएलओ राजीव कुमार ने इस मामले को तकनीकी खराबी बताया और कहा कि मृतकों के नाम फॉर्म-7 के माध्यम से हटाए जाएंगे। जिला प्रशासन का कहना है कि यह ड्राफ्ट सूची है और अंतिम प्रकाशन से पहले सभी गड़बड़ियों को दूर कर लिया जाएगा। हालांकि, इस घटना ने मतदाता सूची की पारदर्शिता और विश्वसनीयता पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
यह मामला जमुई विधानसभा क्षेत्र के बूथ नंबर 86 पर विशेष रूप से उजागर हुआ है, जहां कुल 618 मतदाताओं में से 246 का नाम एक ही मकान में दर्ज है। ग्रामीणों ने इस पर स्वतंत्र जांच और दोबारा सत्यापन की मांग की है। चुनाव आयोग ने स्पष्ट किया है कि 1 सितंबर तक दावा-आपत्ति की अवधि में सुधार संभव है।
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