सरायकेला: समाहरणालय सभागार में गुरुवार को उपायुक्त नितिश कुमार सिंह की अध्यक्षता में आपूर्ति विभाग की समीक्षा बैठक आयोजित हुई। बैठक में जिला आपूर्ति पदाधिकारी, प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारी, गोदाम प्रबंधक और अन्य संबंधित अधिकारी शामिल हुए।
बैठक में सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS), खाद्यान्न आपूर्ति, दाल-भात योजना, डाकिया योजना, धान अधिप्राप्ति और भुगतान, चावल दिवस, सोना सोबरन धोती-साड़ी योजना, आयुष्मान भारत योजना और ई-केवाईसी सहित कई योजनाओं की विस्तार से समीक्षा की गई।
उपायुक्त ने स्पष्ट किया कि सभी योजनाओं का उद्देश्य पात्र लाभुकों को समय पर सुविधा पहुँचाना और किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य दिलाना है। उन्होंने पारदर्शिता और जवाबदेही पर जोर देते हुए अधिकारियों को कई अहम निर्देश दिए, जिनमें शामिल हैं:
सभी लाभुकों को समय पर तय मात्रा में राशन उपलब्ध कराना।
राशन वितरण में गड़बड़ी पर तुरंत जांच और दोषियों पर कार्रवाई।
सभी राशन कार्डधारियों का ई-केवाईसी और आधार- मोबाइल सिडिंग अनिवार्य।
अपात्र कार्डधारियों को हटाकर वास्तविक लाभुकों को ही लाभ देना।
किसानों को धान विक्रय का भुगतान समय पर सुनिश्चित करना।
डीलर टैगिंग और री-टैगिंग की जानकारी का व्यापक प्रचार।
लापरवाह डीलरों को शॉकोज और आवश्यक होने पर कड़ी कार्रवाई।
आयुष्मान भारत योजना के कार्ड वितरण में तेजी।
सोना सोबरन धोती-साड़ी योजना का पारदर्शी वितरण।
गोदामों में सुरक्षित भंडारण, साफ-सफाई और सीसीटीवी- अग्निशमन जैसी सुविधाओं की उपलब्धता।
उपायुक्त ने कहा कि किसानों को धान अधिप्राप्ति का भुगतान किसी भी हाल में देर से न हो। उन्होंने अधिकारियों को चेतावनी दी कि यदि ई-केवाईसी का काम समय पर पूरा नहीं किया गया, तो संबंधित डीलरों पर कार्रवाई होगी। बैठक के अंत में उपायुक्त ने दोहराया कि विभागीय योजनाओं का सीधा फायदा जरूरतमंदों तक पहुँचना चाहिए। उन्होंने कहा कि प्रशासन का फोकस पारदर्शी व्यवस्था, समयबद्ध भुगतान और ग्रामीणों को सुविधाओं का भरोसेमंद लाभ दिलाना है।
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