सरायकेला: आयुर्वेद दिवस 2025 के अवसर पर मंगलवार को सरायकेला में आयुष विभाग की ओर से जन-जागरूकता रैली निकाली गई। इस वर्ष का थीम था – “आयुर्वेद जन-जन के लिए, पृथ्वी के कल्याण के लिए” (Ayurveda for People and Planet).
कार्यक्रम का शुभारंभ जिला आयुष पदाधिकारी डॉ. पूनम कुमारी ने किया। रैली आयुष कार्यालय से शुरू होकर सिविल सर्जन कार्यालय और सदर अस्पताल होते हुए संपन्न हुई। इसमें नगर पंचायत के पूर्व उपाध्यक्ष सह पतंजलि योगपीठ के जिला प्रतिनिधि मनोज चौधरी, योग प्रशिक्षक, सामुदायिक स्वास्थ्य पदाधिकारी और बालक मध्य विद्यालय के छात्र-छात्राओं ने भाग लिया।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मनोज चौधरी ने कहा कि आयुर्वेद केवल रोगों के उपचार का साधन ही नहीं, बल्कि योग, ध्यान और प्राकृतिक आहार के माध्यम से स्वस्थ और दीर्घायु जीवनशैली अपनाने का सशक्त माध्यम भी है। उन्होंने कहा कि आधुनिक एलोपैथिक चिकित्सा के सिद्धांत समय-समय पर बदलते रहते हैं, लेकिन आयुर्वेदिक सिद्धांत आज भी प्रमाणिक और प्रासंगिक हैं।
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उन्होंने बताया कि बिना किसी साइड इफेक्ट के असाध्य रोगों का इलाज केवल आयुर्वेद से ही संभव है। पहले विदेशी मानसिकता की सरकारों ने योग और आयुर्वेद को दबाने का काम किया, लेकिन अब पूरा विश्व इसकी ओर आकर्षित हो रहा है। कई देशों के वैज्ञानिक आयुर्वेद पर शोध कर रहे हैं और विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने भी आयुर्वेद, सिद्ध और यूनानी पद्धतियों को अपने ICD-11 मॉड्यूल में शामिल किया है।
इस मौके पर डॉ. मोनालिसा पंडित, डॉ. सोनाली, लिपिक अनुज कुमारी, योग प्रशिक्षक दिनेश कुमार अग्रवाल, विवेक कुमार अग्रवाल, राकेश साहू, सुषमा महतो, सुषमा कुमारी, सरिता महतो, साधेश्वरी महतो समेत कई कर्मचारी मौजूद रहे।
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