नई दिल्ली: बिहार विधानसभा आम निर्वाचन 2025 के पहले चरण का मतदान गुरुवार को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हो गया। इस चरण में कुल 64.46 प्रतिशत मतदाताओं ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया, जो पिछले विधानसभा और लोकसभा चुनावों की तुलना में उल्लेखनीय रूप से अधिक है।
पहले चरण में कुल 45,341 मतदान केंद्रों पर मतदान हुआ, जिनमें से 8,608 शहरी क्षेत्रों में और 36,733 ग्रामीण इलाकों में थे। इस चरण में 23,554 मतदान स्थल बनाए गए थे। पूरे राज्य में सुबह से ही मतदाताओं की लंबी कतारें देखने को मिलीं।
पहले चरण में कुल 3,75,13,302 मतदाता शामिल थे — जिनमें 1,98,35,325 पुरुष और 1,76,77,219 महिला मतदाता थीं। इसके अलावा 85 वर्ष से अधिक आयु के 2,09,177 मतदाताओं ने भी लोकतंत्र के इस पर्व में भाग लिया।
पहले चरण में 1,314 उम्मीदवारों ने अपनी किस्मत आजमाई, जिनमें 1,192 पुरुष और 122 महिला प्रत्याशी थीं। राजनीतिक दलों के बीच मुकाबला त्रिकोणीय माना जा रहा है और अधिकतर सीटों पर कड़ी टक्कर देखने को मिली।
तुलनात्मक रूप से देखा जाए तो वर्ष 2020 के विधानसभा चुनाव में औसत मतदान 57.29 प्रतिशत रहा था, जबकि लोकसभा चुनाव 2024 में यह 56.28 प्रतिशत था। इस बार का मतदान प्रतिशत 1951-52 के पहले चुनावों के बाद के उच्चतम स्तरों में से एक है, जब मतदान 42.6 प्रतिशत हुआ था।
वर्ष 1998 में 64.6 प्रतिशत और वर्ष 2000 में 62.57 प्रतिशत मतदान हुआ था — यानी इस बार का मतदान ऐतिहासिक स्तर के करीब है।
राज्य निर्वाचन आयोग ने बताया कि मतदान शांतिपूर्ण और व्यवस्थित रहा। सुरक्षा बलों और प्रशासनिक अधिकारियों की तत्परता के कारण किसी बड़ी गड़बड़ी की सूचना नहीं मिली। चुनाव आयोग ने मतदाताओं की बढ़ी हुई भागीदारी को लोकतंत्र की जीत बताया और दूसरे चरण के लिए भी इसी उत्साह की उम्मीद जताई।
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