नई दिल्ली: राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने गुरुवार को अल-कायदा गुजरात आतंकी साजिश मामले में देश के पांच राज्यों—पश्चिम बंगाल, त्रिपुरा, मेघालय, हरियाणा और गुजरात—में एक साथ छापेमारी की। एजेंसी ने 10 अलग-अलग ठिकानों पर यह कार्रवाई की।
एनआईए के अनुसार, इस साजिश में अवैध रूप से भारत में रह रहे बांग्लादेशी नागरिकों की भूमिका संदिग्ध है। जांच के दौरान एजेंसी ने कई डिजिटल उपकरण और दस्तावेज जब्त किए हैं जिन्हें फोरेंसिक जांच के लिए भेज दिया गया है।
यह मामला वर्ष 2023 में दर्ज किया गया था। इसमें चार बांग्लादेशी नागरिकों — मोहम्मद सोजिब मियां, मुन्ना खालिद अंसारी, अजरुल इस्लाम और अब्दुल लतीफ — के नाम शामिल हैं। ये सभी आरोपी जाली भारतीय पहचान पत्र बनवाकर भारत में अवैध रूप से दाखिल हुए थे।
एनआईए ने बताया कि ये आरोपी प्रतिबंधित आतंकी संगठन अल-कायदा से जुड़े हुए हैं। वे बांग्लादेश में सक्रिय आतंकी गुर्गों के लिए धन इकट्ठा करने, उसे स्थानांतरित करने और युवाओं को कट्टरपंथ की ओर उकसाने का काम करते थे। इस मामले में एनआईए ने 10 नवंबर 2023 को अहमदाबाद की विशेष अदालत में आरोप पत्र दाखिल किया था।
उधर, महाराष्ट्र एटीएस ने पुणे से एक सॉफ्टवेयर इंजीनियर, जुबैर हंगरगेकर (37), को अल-कायदा और ‘अल-कायदा इन द इंडियन सबकॉन्टिनेंट’ (AQIS) से संबंध के आरोप में गिरफ्तार किया है। एटीएस ने ठाणे के एक शिक्षक से भी पूछताछ की है। जांच के दौरान जुबैर के पुराने मोबाइल में पाकिस्तान का एक संपर्क नंबर मिला है।
एनआईए और एटीएस दोनों मिलकर अब इन संदिग्ध मॉड्यूलों के बीच संभावित नेटवर्क और फंडिंग चैनलों की जांच कर रही हैं। सुरक्षा एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि क्या इन मामलों में किसी विदेशी संगठन या फंडिंग नेटवर्क की भूमिका है।