दमाकी–मानपुर तीन किमी सड़क बदहाल, एंबुलेंस, स्कूली बच्चों और ग्रामीणों का आवागमन हुआ मुश्किल
पोटका : ऐतिहासिक गांव के रूप में पहचान रखने वाला मानपुर आज बुनियादी सड़क सुविधा के अभाव से जूझ रहा है। गांव तक पहुंचने वाली सड़क पूरी तरह जर्जर हो चुकी है। जगह-जगह बने बड़े गड्ढों और जलभराव के कारण यह सड़क दुर्घटनाओं का कारण बनती जा रही है। बरसात के बाद गड्ढों में पानी भर जाने से सड़क तालाब जैसी दिखाई दे रही है, जिससे राहगीरों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
समाजसेवी धीरेंद्र भकत, अंबिका महतो ग्राम प्रधान गोपाल मुर्मू आदि स्थानीय लोगों का कहना है कि सड़क निर्माण को लेकर कई बार जनप्रतिनिधियों और संबंधित विभाग को आवेदन दिया गया, लेकिन अब तक कोई पहल नहीं की गई। नतीजतन सड़क की हालत लगातार बदतर होती जा रही है।
मानपुर में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र और प्लस टू विद्यालय स्थित है। प्रतिदिन इस मार्ग से एंबुलेंस, मरीज, स्कूली छात्र-छात्राएं और ग्रामीणों का आवागमन होता है। खराब सड़क के कारण मरीजों को अस्पताल पहुंचाने में देरी होती है, वहीं बच्चों को भी स्कूल आने-जाने में भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।
दमाकी से मानपुर तक लगभग तीन किलोमीटर लंबी सड़क सबसे अधिक जर्जर है। इसी मार्ग से आधा दर्जन से अधिक गांवों का संपर्क बना हुआ है। सड़क की बदहाली से क्षेत्र के हजारों लोगों का दैनिक जीवन प्रभावित हो रहा है।
सड़क निर्माण की मांग को लेकर ग्रामीण सड़क पर उतर आए और जोरदार प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने प्रशासन से अविलंब सड़क निर्माण कराने की मांग करते हुए चेतावनी दी कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। प्रदर्शन में मुख्य रूप से सामाजिक कार्यकर्ता धीरन भकत, अंबिका महतो, ग्राम प्रधान गोपाल मुर्मू, मुखिया प्रतिनिधि तरनी सिंह सरदार, नुनाराम रजक, शत्रुघ्न दास, बंकिम रजक, कालू सिंह, ठाकुर प्रसाद पात्र, त्रिलोचन भकत, सुनील मांडी, लस्का मुर्मू, शुरू तापे आदि उपस्थित रहें।
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