Jamshedpur :  नेताजी सुभाष विश्वविद्यालय के चतुर्थ दीक्षांत समारोह में 1600 से अधिक विद्यार्थियों को मिली उपाधि, 33 शोधार्थियों को पीएचडी और 52 मेधावी छात्रों को मिला पदक

दीक्षांत केवल डिग्री प्राप्ति का अवसर नहीं, बल्कि राष्ट्र और समाज के प्रति दायित्व निभाने का संकल्प भी है : राज्यपाल

जमशेदपुर : नेताजी सुभाष विश्वविद्यालय में शुक्रवार को चतुर्थ दीक्षांत समारोह गरिमामय वातावरण में आयोजित किया गया। समारोह के मुख्य अतिथि झारखंड के राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार थे। उनके साथ विश्वविद्यालय के कुलाधिपति मदन मोहन सिंह, कुलपति प्रो. (डॉ.) प्रभात कुमार पाणि, कुलसचिव नागेन्द्र सिंह, परीक्षा नियंत्रक प्रो. मोईज़ अशरफ, विश्वविद्यालय के पदाधिकारी, शिक्षक, शोधार्थी, विद्यार्थी एवं अभिभावक बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।

समारोह में वर्ष 2022-2025 सत्र के विभिन्न स्नातक एवं स्नातकोत्तर पाठ्यक्रमों के 1600 से अधिक विद्यार्थियों को उपाधियां प्रदान की गईं। विभिन्न संकायों के मेधावी विद्यार्थियों को 26 स्वर्ण एवं 26 रजत पदक देकर सम्मानित किया गया, जबकि 33 शोधार्थियों को पीएचडी की उपाधि प्रदान की गई। राज्यपाल के आगमन पर विश्वविद्यालय एवं जिला प्रशासन ने उनका स्वागत किया। कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलन, गणेश वंदना, राष्ट्रगान तथा विद्यार्थियों की सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के साथ हुआ।

अपने दीक्षांत संबोधन में राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार ने कहा कि दीक्षांत समारोह केवल डिग्री प्राप्त करने का अवसर नहीं, बल्कि समाज और राष्ट्र के प्रति अपने दायित्वों का संकल्प लेने का महत्वपूर्ण अवसर भी है। उन्होंने कहा कि भारत के युवा विकसित राष्ट्र के निर्माण की सबसे बड़ी शक्ति हैं। विद्यार्थियों को ज्ञान, कौशल, नैतिक मूल्यों और सामाजिक उत्तरदायित्व को जीवन का आधार बनाते हुए नवाचार, अनुसंधान और उद्यमिता के क्षेत्र में आगे बढ़ना चाहिए। उन्होंने विश्वविद्यालय द्वारा गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, अनुसंधान और कौशल विकास के लिए किए जा रहे प्रयासों की सराहना करते हुए सभी उपाधिधारकों को उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं।

कुलाधिपति मदन मोहन सिंह ने कहा कि विश्वविद्यालय का उद्देश्य केवल डिग्री प्रदान करना नहीं, बल्कि जिम्मेदार, सक्षम और संवेदनशील नागरिक तैयार करना है। वहीं कुलपति प्रो. (डॉ.) प्रभात कुमार पाणि ने विश्वविद्यालय की उपलब्धियों, राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के प्रभावी क्रियान्वयन, अनुसंधान,

नवाचार और रोजगारोन्मुखी शिक्षा की दिशा में किए जा रहे प्रयासों की जानकारी दी। उन्होंने विद्यार्थियों से जीवनभर सीखते रहने और समाज के विकास में सक्रिय योगदान देने का आह्वान किया।

दीक्षांत की औपचारिक प्रक्रिया के दौरान कुलसचिव नागेन्द्र सिंह ने सभी स्नातकों एवं शोधार्थियों को शपथ दिलाई। इसके बाद राज्यपाल ने मेधावी विद्यार्थियों को स्वर्ण एवं रजत पदक तथा शोधार्थियों को पीएचडी की उपाधि प्रदान की। समारोह के अंत में विश्वविद्यालय की ओर से राज्यपाल को स्मृति-चिह्न भेंट कर सम्मानित किया गया। पूरे कार्यक्रम के दौरान विश्वविद्यालय परिसर उपलब्धि, उत्साह और गौरव के माहौल से सराबोर रहा।

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