झाड़ग्राम : कोलकाता और तारापीठ के होटलों में हाल में हुई आगजनी की घटनाओं के बाद झाड़ग्राम जिला प्रशासन भी सतर्क हो गया है। जिले के होटल और होमस्टे में अग्नि सुरक्षा व्यवस्था की स्थिति जांचने के लिए फायर विभाग और जिला पुलिस की ओर से संयुक्त अभियान चलाया गया। अभियान के दौरान झाड़ग्राम जिले के विभिन्न इलाकों में स्थित कई होटल और होमस्टे का निरीक्षण किया गया। अधिकारियों ने अग्निशमन उपकरण, फायर एक्सटिंग्विशर, आपातकालीन निकास मार्ग, विद्युत कनेक्शन समेत सुरक्षा से जुड़े विभिन्न पहलुओं की बारीकी से जांच की। साथ ही यह भी देखा गया कि किसी आपात स्थिति में होटल या होमस्टे में ठहरे पर्यटकों को सुरक्षित स्थान तक पहुंचाने के लिए पर्याप्त व्यवस्था मौजूद है या नहीं।
बताया गया कि हाल में कोलकाता और तारापीठ के कुछ होटलों में हुई भीषण आग की घटनाओं के बाद राज्य के विभिन्न जिलों में होटल, लॉज और होमस्टे की अग्नि सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा पर जोर दिया जा रहा है। इसी दिशा-निर्देश के तहत झाड़ग्राम में भी यह अभियान शुरू किया गया है। निरीक्षण के दौरान फायर विभाग के अधिकारियों ने होटल और होमस्टे संचालकों को आग लगने जैसी आपात स्थिति में तत्काल उठाए जाने वाले कदमों के बारे में जागरूक किया। जहां कहीं अग्नि सुरक्षा व्यवस्था में कमी पाई गई, वहां उसे जल्द दुरुस्त करने के निर्देश दिए गए।
गौरतलब है कि झाड़ग्राम तेजी से पर्यटन मानचित्र पर अपनी पहचान बना रहा है। जिले के विभिन्न पर्यटन स्थलों पर बड़ी संख्या में पर्यटकों के पहुंचने के कारण होटल और होमस्टे में ठहरने वालों की सुरक्षा बेहद महत्वपूर्ण हो गई है। ऐसे में प्रशासन की ओर से समय रहते अग्नि सुरक्षा व्यवस्था की जांच को पर्यटकों की सुरक्षा की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है। कोलकाता और तारापीठ के होटलों में हाल में हुई आगजनी की घटनाओं के बाद झाड़ग्राम जिला प्रशासन भी सतर्क हो गया है। जिले के होटल और होमस्टे में अग्नि सुरक्षा व्यवस्था की स्थिति जांचने के लिए फायर विभाग और जिला पुलिस की ओर से संयुक्त अभियान चलाया गया।
अभियान के दौरान झाड़ग्राम जिले के विभिन्न इलाकों में स्थित कई होटल और होमस्टे का निरीक्षण किया गया। अधिकारियों ने अग्निशमन उपकरण, फायर एक्सटिंग्विशर, आपातकालीन निकास मार्ग, विद्युत कनेक्शन समेत सुरक्षा से जुड़े विभिन्न पहलुओं की बारीकी से जांच की। साथ ही यह भी देखा गया कि किसी आपात स्थिति में होटल या होमस्टे में ठहरे पर्यटकों को सुरक्षित स्थान तक पहुंचाने के लिए पर्याप्त व्यवस्था मौजूद है या नहीं। बताया गया कि हाल में कोलकाता और तारापीठ के कुछ होटलों में हुई भीषण आग की घटनाओं के बाद राज्य के विभिन्न जिलों में होटल, लॉज और होमस्टे की अग्नि सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा पर जोर दिया जा रहा है।
इसी दिशा-निर्देश के तहत झाड़ग्राम में भी यह अभियान शुरू किया गया है। निरीक्षण के दौरान फायर विभाग के अधिकारियों ने होटल और होमस्टे संचालकों को आग लगने जैसी आपात स्थिति में तत्काल उठाए जाने वाले कदमों के बारे में जागरूक किया। जहां कहीं अग्नि सुरक्षा व्यवस्था में कमी पाई गई, वहां उसे जल्द दुरुस्त करने के निर्देश दिए गए। गौरतलब है कि झाड़ग्राम तेजी से पर्यटन मानचित्र पर अपनी पहचान बना रहा है। जिले के विभिन्न पर्यटन स्थलों पर बड़ी संख्या में पर्यटकों के पहुंचने के कारण होटल और होमस्टे में ठहरने वालों की सुरक्षा बेहद महत्वपूर्ण हो गई है। ऐसे में प्रशासन की ओर से समय रहते अग्नि सुरक्षा व्यवस्था की जांच को पर्यटकों की सुरक्षा की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है।



















































