पोटका : तारा पब्लिक स्कूल, हरिवंश नगर, हाता के प्राचार्य कमलेश कुमार मिश्र ने शिक्षा को केवल किताबी ज्ञान तक सीमित न रखते हुए विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास को अपने शिक्षक जीवन का उद्देश्य बनाया है। शिक्षा के क्षेत्र में उनकी यात्रा वर्ष 2001 में सरस्वती शिशु मंदिर, हेंसल में आचार्य के रूप में शुरू हुई। वर्ष 2006 से मार्च 2009 तक उन्होंने गुरुकुल विद्यापीठ, तुमुंग में शिक्षक के रूप में सेवाएं दीं।
वर्ष 2009 में तारा पब्लिक स्कूल की स्थापना के साथ ही कमलेश मिश्र को प्राचार्य की जिम्मेदारी मिली। तब से उनका प्रयास रहा है कि विद्यालय में विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ संस्कार, अनुशासन, नैतिक मूल्यों और मानवीय संवेदनाओं की शिक्षा भी मिले। उनका मानना है कि तकनीक के बढ़ते प्रभाव के दौर में विद्यार्थियों में धैर्य, अनुशासन और संवेदनशीलता बनाए रखना जरूरी है।
कमलेश मिश्र को शिक्षा के प्रति समर्पण की प्रेरणा अपने पिता से मिली, जो हिंदी मध्य विद्यालय, हल्दीपोखर में संस्कृत शिक्षक थे। उनका मानना है कि शिक्षक केवल विषय का ज्ञान देने वाला नहीं, बल्कि समाज और राष्ट्र के भविष्य का निर्माण करने वाला होता है। कमजोर विद्यार्थियों पर विशेष ध्यान, खेलकूद, सांस्कृतिक गतिविधियों और अभिभावकों के सहयोग से विद्यार्थियों के व्यक्तित्व विकास पर जोर दिया जाता है। उनका लक्ष्य विद्यालय से निकलने वाले विद्यार्थियों को शिक्षित, संस्कारी, आत्मनिर्भर और जिम्मेदार नागरिक बनाना है।



















































