
बहरागोड़ा : समय बीतता गया, पीढ़ियां बदलती गईं, लेकिन बहरागोड़ा की पहचान बना ‘वीणापाणि पाटागार’ आज भी अपनी पूरी गरिमा के साथ खड़ा है। संस्थान ने अपने 90 वर्ष पूरे होने पर आज एक ऐसा उत्सव मनाया, जिसने शहर की सड़कों से लेकर खेल के मैदान तक जोश भर दिया।
केसरी और सांस्कृतिक रंगों में रंगा बहरागोड़ा
सुबह की पहली किरण के साथ ही बहरागोड़ा बाजार में प्रभात फेरी की गूंज सुनाई दी। कालीबाड़ी स्थित पाटागार प्रांगण से शुरू हुई यह शोभायात्रा केवल एक पैदल मार्च नहीं, बल्कि क्षेत्र की 90 साल पुरानी विरासत का प्रदर्शन थी। पी.डब्ल्यू.डी. मोड़ से होते हुए जब यह यात्रा वीणापाणि स्टेडियम पहुँची, तो हर तरफ ‘सांस्कृतिक गौरव’ की झलक दिखाई दी। स्थानीय लोगों ने गर्मजोशी के साथ इस यात्रा का अभिनंदन किया।
डॉ. दिनेश षाड़ंगी ने फहराया गौरव का ध्वज
समारोह के मुख्य केंद्र रहे पूर्व स्वास्थ्य मंत्री डॉ. दिनेश षाड़ंगी, जिन्होंने पाटागार परिसर में ध्वजारोहण किया। उन्होंने अपने संबोधन में भावुक होते हुए कहा कि वीणापाणि पाटागार केवल एक भवन नहीं, बल्कि इस क्षेत्र की बौद्धिक चेतना का मंदिर है। 90 वर्षों का यह सफर हमारी आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत है।
मैदान पर खिलाड़ियों का दम: ‘वीणापाणि चैंपियंस ट्रॉफी‘
जहाँ एक ओर सांस्कृतिक अनुष्ठान चल रहे थे, वहीं दूसरी ओर वीणापाणि स्टेडियम युवाओं की ललकार से गूँज उठा। सुबह 10:00 बजे ‘वीणापाणि चैंपियंस ट्रॉफी’ का आगाज हुआ। इस एक दिवसीय प्रतियोगिता का उद्देश्य केवल जीत-हार नहीं, बल्कि स्थानीय प्रतिभाओं को एक मंच देना और युवाओं में एकजुटता पैदा करना था। खिलाड़ियों के बीच कड़ा मुकाबला देख दर्शकों का उत्साह चरम पर रहा।
विरासत को सहेजने का संकल्प
संस्था के सदस्यों ने इस ऐतिहासिक दिन पर बहरागोड़ा के प्रबुद्ध नागरिकों और युवाओं से अपील की है कि वे इस 90 साल पुरानी मशाल को बुझने न दें। यह उत्सव इस बात का प्रमाण है कि बहरागोड़ा अपनी जड़ों से आज भी उतनी ही मजबूती से जुड़ा हुआ है।
















































