Chandil: अवैध बालू खनन फिर बेखौफ, प्रशासनिक तंत्र मौन?

चांडिल: ईचागढ़, कुकड़ू और तिरुलडीह क्षेत्र में एक बार फिर अवैध बालू उठाव और ओवरलोड परिवहन धड़ल्ले से शुरू हो गया है. प्रशासनिक तंत्र की मौन भूमिका पर स्थानीय ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों में आक्रोश है. हर रोज़ बिना नंबर की हाईवा गाड़ियां और जेसीबी मशीनें रात के अंधेरे में बालू से भरकर निकल रही हैं. इन गाड़ियों की आवाजाही सीसीटीवी कैमरों में कैद हो रही है, लेकिन जिम्मेदार अधिकारियों की चुप्पी चिंता बढ़ा रही है.

13 जून को मधुश्री महतो, उपाध्यक्ष जिला परिषद सरायकेला-खरसावां द्वारा आयोजित जनता दरबार में कुकड़ू क्षेत्र के ग्रामीणों ने उपायुक्त महादेव समेत तमाम वरीय अधिकारियों (DDC, ADC, SDO, DMO, DTO, BDO, CO, थाना प्रभारी) के समक्ष शिकायत दर्ज की थी. ग्रामीणों ने बताया कि चांडिल अनुमंडल क्षेत्र के विभिन्न स्थानों से रोज़ अवैध रूप से बालू की लोडिंग की जा रही है, जिससे सरकारी राजस्व को भारी नुकसान हो रहा है.

 

NGT लागू होने के बावजूद कोई असर नहीं
10 जून से जिले में NGT के आदेश प्रभावी हैं. उपायुक्त द्वारा जारी पत्रांक 1140 दिनांक 24/04/25 के तहत सिरूम चौक, मिलन चौक और ईचागढ़ थाना क्षेत्र में शाम 7:00 बजे से सुबह 7:00 बजे तक बालू ढुलाई की रोकथाम हेतु JE, AE को दंडाधिकारी और अंचल निरीक्षक को वरीय दंडाधिकारी के रूप में प्रतिनियुक्त किया गया था. इसके बावजूद अवैध धंधा थमा नहीं.

नीमडीह प्रखंड के झीमरी गांव में दो स्थानों पर दंडाधिकारी व पुलिस बल भी तैनात हैं, फिर भी आए दिन बालू लदी हाईवा सड़कों पर पलट रही हैं. दुर्घटनाएं हो रही हैं. कई बार जानें भी गईं हैं, फिर भी प्रशासनिक स्तर पर कोई कठोर कार्रवाई नहीं की जा रही.

 

प्रशासन और माफिया की साठगांठ?
स्थानीय लोगों का आरोप है कि प्रशासनिक अधिकारियों और बालू माफिया के बीच गहरी साठगांठ है. तिरुलडीह, ईचागढ़ और नीमडीह थानों की सीमा से होकर कुकड़ू, सिरूम, झीमरी और मिलन चौक के रास्ते बंगाल, पटमदा, रांची, जमशेदपुर और गम्हरिया तक ओवरलोड हाईवा बेरोक-टोक दौड़ रहे हैं.

इतनी चौकसी के बावजूद कहीं कोई जांच या गश्त क्यों नहीं हो रही? ग्रामीणों के इस सवाल का जवाब अब तक किसी अधिकारी ने नहीं दिया.

 

जनता पूछ रही है—ज़िम्मेदार कौन?
ग्रामीण प्रतिनिधियों का सवाल है कि क्षेत्र में अवैध बालू, शराब और अपराध पर रोक लगाने की जिम्मेदारी आखिर किसकी है? जनता कब तक फरियाद करती रहेगी? लिखित शिकायतों के बावजूद कार्रवाई क्यों नहीं हो रही?

कुछ दिनों तक अवैध धंधा थमा जरूर था, लेकिन अब फिर ज़ोर पकड़ चुका है. कुकड़ू की जनता दरबार में शिकायत के बाद भी हालात नहीं बदले हैं. इससे क्षेत्र में तनाव की स्थिति उत्पन्न हो गई है. प्रशासन की निष्क्रियता किसी भी दिन एक बड़ी घटना का कारण बन सकती है.

 

अब नहीं तो कब? सख्त कार्रवाई की मांग
जनहित में प्रशासन से मांग है कि वह तुरंत नियमों के अनुसार सख्त कानूनी कार्रवाई करे. नदी से अवैध बालू उठाव और ओवरलोड हाईवा परिवहन पर पूर्ण रूप से रोक लगाने की ठोस व्यवस्था सुनिश्चित की जाए. वरना यह संकट एक सामाजिक-प्राकृतिक आपदा में बदल सकता है.

 

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