गुवा: पूर्व जिला पार्षद शंभू पासवान ने झारखंड के ग्रामीण विकास कार्यों की समीक्षा करते हुए कहा कि मइयां सम्मान योजना के कारण कई सरकारी योजनाओं के भुगतान लंबित हैं। इससे ठेकेदारों की आर्थिक स्थिति प्रभावित हुई है और विकास कार्य ठप पड़ गए हैं।
शंभू पासवान ने रांची और पश्चिम सिंहभूम समेत आस-पास के क्षेत्रों में झारखंड स्टेट रूरल रोड डेवलपमेंट अथॉरिटी (जेएसआरआरडीए) के कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना का प्रमंडलवार हाल लिया और टेंडर की स्थिति देखी।
उन्होंने मुख्य अभियंता से आग्रह किया कि टेंडर समय पर निबटारा जाए और कोई भी टेंडर लंबित न रहे।
पूर्व जिला पार्षद ने बताया कि 2024-25 और 2025-26 वित्तीय वर्ष में कुल 10,000 करोड़ रुपये का टेंडर किया गया, जबकि 5,000 करोड़ रुपये का भुगतान अभी भी लंबित है। उन्होंने स्पष्ट किया कि भुगतान न होने के कारण क्षेत्र के ठेकेदारों की आर्थिक स्थिति खराब हुई है और विकास कार्य बाधित हैं।
शंभू पासवान ने इंजीनियरों से कहा कि सिर्फ भुगतान ही नहीं, बल्कि काम की गुणवत्ता पर भी सालभर नजर रखी जाए। उन्होंने कहा कि विकास कार्यों के साथ ठेकेदारों को समय पर भुगतान करना राज्य के विकास के लिए जरूरी है।
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