
नई दिल्ली: पूर्व उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ जल्दी ही संसद भवन परिसर के पास चर्च रोड स्थित उपराष्ट्रपति आवास छोड़ देंगे। उन्हें अभी तक नया सरकारी आवास आवंटित नहीं हुआ है, इसलिए फिलहाल वे साउथ दिल्ली के छतरपुर एन्क्लेव में निजी घर में रहेंगे।
धनखड़ ने 21 जुलाई को स्वास्थ्य कारणों का हवाला देते हुए उपराष्ट्रपति पद से इस्तीफा दिया था। अब 9 सितंबर को उपराष्ट्रपति पद के लिए नया चुनाव होना है। पिछले साल अप्रैल में ही वे आधिकारिक उपराष्ट्रपति आवास में शिफ्ट हुए थे।
धनखड़ ने राजस्थान विधानसभा से पेंशन के लिए आवेदन दिया है। वे पहले कांग्रेस टिकट पर विधायक रह चुके हैं। उपराष्ट्रपति बनने के बाद उनकी पेंशन बंद हो गई थी। राजस्थान में नियम है कि अगर कोई व्यक्ति विधायक, सांसद और मंत्री जैसे अलग-अलग पदों पर रहा है तो उसे सभी पदों की पेंशन अलग-अलग मिल सकती है।
नियमों के मुताबिक पूर्व राष्ट्रपति, उपराष्ट्रपति और प्रधानमंत्री को टाइप-8 बंगला दिया जाता है। इसका आवंटन आवास एवं शहरी मामलों का मंत्रालय करता है। सूत्रों के अनुसार, धनखड़ ने औपचारिक रूप से आवास के लिए अनुरोध भेजा है, लेकिन प्रक्रिया अभी आगे नहीं बढ़ी है। मंत्रालय के अधिकारियों ने उनसे मुलाकात जरूर की, लेकिन ठोस निर्णय नहीं लिया गया।
सूत्रों का कहना है कि सरकारी आवास मिलने की प्रक्रिया में आमतौर पर तीन महीने तक का समय लग सकता है। चूंकि अभी तक इस पर कोई फैसला नहीं हुआ है, इसलिए धनखड़ ने निजी मकान में शिफ्ट होने का विकल्प चुना है।
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