
जादूगोड़ा: झारखंड सरकार भले ही योजनाओं का लाभ हर घर तक पहुँचाने का दावा करती हो, लेकिन जमीन पर हकीकत कुछ और ही है। पोटका प्रखंड के मानपुर गांव में बीते तीन महीने से 300 से अधिक राशन कार्ड धारियों को अनाज नहीं मिला। इसको लेकर आक्रोशित महिलाओं ने गांव में ही जोरदार प्रदर्शन किया और राशन डीलर मकर महाली को बदलने की मांग की।
ग्रामीण मुखेंन मार्डी, राम खंडवाल, रवि रजक, अर्जुन सिंह, हरे कृष्णा सोरेन, बलिया हांसदा, सीता मुर्मू, रायमत हांसदा, राधिका खड़वाल, सुकांति मुखी और विनोता पात्रो ने बताया कि जनवरी, अप्रैल और अगस्त का राशन अब तक नहीं मिला है। सिर्फ जून का ही वितरण किया गया। ऐसे में गरीब परिवारों के सामने गुजारे का संकट खड़ा हो गया है।
ग्रामीणों का आरोप है कि डीलर मकर महाली हर दो-तीन महीने पर ही राशन देता है। कई बार वह यह कहकर टाल देता है कि “राशन चूहा खा गया” या फिर “नेटवर्क की समस्या है”। लोगों का कहना है कि इस बहाने से राशन की हेराफेरी की जाती है।
ग्रामीणों ने तंज कसते हुए कहा कि झारखंड सरकार धोती-साड़ी तो भेज देती है, लेकिन जब तक मानपुर पहुँचता है, चूहे खा जाते हैं। लोगों का कहना है कि डीलर के खिलाफ कड़ी कार्रवाई हो और राशन समय पर मिले।
ग्रामीणों की शिकायतों के बाद अब देखना होगा कि प्रशासन इस पर क्या कदम उठाता है। क्या दोषी डीलर पर कार्रवाई होगी या फिर मामला भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ जाएगा।
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