
जमशेदपुर: पोटका प्रखंड के छोटा सिगदी गांव निवासी और समाज सेवा के क्षेत्र में मिसाल बन चुके 74 वर्षीय रक्त वीर असित कुमार मंडल के निधन पर पूरे इलाके में शोक की लहर है। दो दिन पूर्व लंबी बीमारी के बाद टाटा मेन हॉस्पिटल (टीएमएच) में उन्होंने अंतिम सांस ली। आज पोटका के पूर्व जिला पार्षद करुणा मय मंडल उनके आवास पर पहुंचे और शोकसंतप्त परिवार से मुलाकात कर अपनी संवेदना प्रकट की।
पूर्व पार्षद मंडल ने कहा कि स्वर्गीय असित मंडल न केवल एक निष्ठावान रक्तदाता थे, बल्कि एक समर्पित समाजसेवी और आध्यात्मिक मार्ग के अनुयायी भी थे। उन्होंने बताया कि असित मंडल जी ने अपने जीवन में 58 बार रक्तदान किया और यह कार्य उनके लिए एक जुनून बन चुका था। वह किसी भी रक्तदान शिविर की जानकारी मिलते ही बिना बुलाए भी वहां पहुंच जाया करते थे। साल में कम से कम तीन बार रक्तदान करना उनकी आदत बन चुकी थी। जब उम्र बढ़ने और स्वास्थ्य कारणों से उनका रक्त लेना बंद कर दिया गया, तो उन्हें इस बात का बेहद दुख होता था।
असित मंडल गांव की सामाजिक गतिविधियों, धार्मिक अनुष्ठानों और सेवा कार्यों में हमेशा अग्रणी रहते थे। दाबांकी आश्रम और हाता माताजी आश्रम से उनका गहरा जुड़ाव था। खेती-बाड़ी और पारिवारिक जिम्मेदारियों के साथ-साथ उन्होंने समाजसेवा को भी हमेशा प्राथमिकता दी।
पूर्व जिला पार्षद करुणा मय मंडल ने कहा, “ऐसे लोग समाज की असली धरोहर होते हैं। जो बिना किसी लालच या स्वार्थ के लगातार समाज की सेवा करते हैं, वे हमेशा याद किए जाते हैं। उनकी मृत्यु से क्षेत्र को अपूरणीय क्षति हुई है।”
इस मौके पर पूर्व पार्षद के साथ सामाजिक कार्यकर्ता हेमंत बेहरा भी मौजूद रहे। स्वर्गीय मंडल की बेटी व भाजपा नेत्री सीमा मंडल, अन्य बेटियां, छोटे भाई, दामादों में डॉ. अनूप कुमार मंडल, अश्विनी मंडल तथा परिजन भी इस दौरान मौजूद रहे। घर का माहौल बेहद शोकपूर्ण था और पत्नी की आंखों से बहते आंसू हर किसी को भावुक कर रहे थे।
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