Jamshedpur: ‘सतत विकास की ओर एक और कदम’ – जिले में पंचायत उन्नति सूचकांक पर कार्यशाला आयोजित

जमशेदपुर:  सतत विकास लक्ष्यों (SDG) को गांव-गांव तक पहुंचाने और पंचायतों को अधिक जवाबदेह एवं सशक्त बनाने की दिशा में मंगलवार को टाउन हॉल, सिदगोड़ा में पंचायत उन्नति सूचकांक (PAI 1.0) पर जिला स्तरीय कार्यशाला आयोजित की गई। कार्यक्रम में उप विकास आयुक्त नागेन्द्र पासवान, जिला परिषद अध्यक्ष बारी मुर्मू, उपाध्यक्ष पंकज, कार्यपालक पदाधिकारी जिला परिषद रजनीकांत मिश्रा, विभिन्न विभागीय पदाधिकारी, पंचायत प्रतिनिधि एवं विशेषज्ञ मौजूद रहे।

कार्यशाला की प्रमुख बातें
PAI 1.0 से प्राप्त आंकड़ों का विश्लेषण कर पंचायतों की रैंकिंग और प्रदर्शन का तुलनात्मक अध्ययन किया गया।
कमजोर क्षेत्रों की पहचान कर सुधारात्मक रणनीतियां तय की गईं।
ग्राम पंचायत विकास योजना (GPDP) को सतत विकास लक्ष्यों के अनुरूप और प्रभावी बनाने पर चर्चा हुई।
पंचायत प्रतिनिधियों की जिम्मेदारियों और जनभागीदारी को मजबूत करने पर बल दिया गया।

पासवान ने कहा कि पंचायती राज अब विकास का केंद्रबिंदु बन चुका है। योजनाओं को धरातल पर लागू कर ही पंचायतों को मजबूत बनाया जा सकता है।

 

PAI स्थानीयकृत SDG पर आधारित है और इसमें नौ प्रमुख विषय शामिल हैं—गरीबी उन्मूलन, स्वास्थ्य, बच्चों की शिक्षा-सुरक्षा, जल प्रबंधन, स्वच्छता, आत्मनिर्भरता, सामाजिक न्याय, सुशासन और महिला सशक्तिकरण।
पंचायतों को प्रदर्शन के आधार पर 5 श्रेणियों में रखा जाता है –
अचीवर (90+ अंक)
फ्रंट रनर (75-90 अंक)
परफॉर्मर (60-75 अंक)
आकांक्षी (40-60 अंक)
बिगिनर (40 से कम अंक)
जिले की श्रेष्ठ पंचायतें

उपायुक्त कर्ण सत्यार्थी ने अपने संदेश में बताया कि PAI 1.0 रिपोर्ट (वित्त वर्ष 2022-23) में पूर्वी सिंहभूम की कई पंचायतें अलग-अलग विषयों पर उत्कृष्ट रहीं, जिनमें—
गरीबी मुक्त पंचायत: मानुषमुड़िया (बहरागोड़ा)
स्वास्थ्य पंचायत: मौदाशोली (धालभूमगढ़)
बाल हितैशी पंचायत: कईलीसूता (मुसाबनी)
जल पर्याप्त पंचायत: उत्तरी बदिया (मुसाबनी)
स्वच्छ एवं हरित पंचायत: हेन्दलजुड़ी (घाटशिला)
आत्मनिर्भर पंचायत: राजलाबाँध (बहरागोड़ा)
सामाजिक न्याय पंचायत: सिंहपुरा (गुड़ाबांदा)
सुशासन पंचायत: महुलबनी (पटमदा)
महिला हितैशी पंचायत: घाटशिला (घाटशिला)

सभी प्रखंड विकास पदाधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि प्रत्येक प्रखंड में एक पंचायत को मॉडल पंचायत के रूप में चिन्हित कर कार्य करें। नियमित भ्रमण, पारदर्शिता और सामुदायिक सहभागिता के माध्यम से पंचायतों को नेचुरल और सस्टेनेबल तरीके से फंक्शनल बनाने का लक्ष्य तय किया गया है।

 

 

इसे भी पढ़ें : Jamshedpur: उपायुक्त ने सुनी नागरिकों की समस्याएं, पदाधिकारियों को दिए समयबद्ध कार्रवाई के निर्देश

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