
जमशेदपुर: उपायुक्त कर्ण सत्यार्थी ने आज घाटशिला प्रखंड के धरमबहाल पंचायत अंतर्गत फुलडूंगरी गांव का दौरा कर समेकित बिरसा ग्राम विकास योजना के तहत संचालित कृषक पाठशाला और नोटबुक निर्माण केन्द्र का निरीक्षण किया।
निरीक्षण के दौरान उपायुक्त ने किसानों से कृषक पाठशाला के लाभ और संभावनाओं पर चर्चा की। उन्होंने किसानों से केसीसी (कृषि ऋण) के आच्छादन की जानकारी ली तथा वंचित किसानों को शीघ्र जोड़ने का आश्वासन दिया।
उपायुक्त ने कहा कि कृषक पाठशाला किसानों को उन्नत खेती, नई तकनीक एवं एफपीओ से जोड़ने का सशक्त माध्यम है। उन्होंने पदाधिकारियों और एनजीओ प्रतिनिधियों को निर्देशित किया कि आसपास के 9 गांवों के किसानों को एफपीओ से जोड़ा जाए और उन्हें सक्रिय भागीदारी हेतु प्रेरित किया जाए।
कुछ किसानों ने लैम्प्स में धान बिक्री के बाद भुगतान की दूसरी किश्त न मिलने की शिकायत की। इस पर उपायुक्त ने संज्ञान लेते हुए समयबद्ध कार्रवाई का आश्वासन दिया।
इसी क्रम में उपायुक्त ने फुलडूंगरी में संचालित नोटबुक निर्माण कार्य से जुड़ी स्वयंसहायता समूह की महिलाओं से मुलाकात की। उन्होंने नोटबुक की गुणवत्ता की सराहना करते हुए सप्लाई चेन, विपणन और डिजाइन सुधार पर चर्चा की।
उन्होंने कहा कि प्रतिस्पर्धा में टिके रहने के लिए लागत घटाना, उत्पाद की गुणवत्ता बनाए रखना और बाजार की मांग के अनुरूप उत्पादन आवश्यक है। साथ ही पदाधिकारियों को निर्देश दिया कि नोटबुक उत्पादन बढ़ाया जाए और स्कूलों व स्टेशनरी दुकानों से समन्वय स्थापित कर बिक्री में सहयोग किया जाए।
उपायुक्त ने कहा कि किसानों को तकनीक आधारित खेती से जोड़ना और महिलाओं को स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध कराना जिला प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। योजनाओं का लाभ तभी वास्तविक होगा जब किसान और महिला समूह आत्मनिर्भर बनकर बाजार की मांग के अनुसार आगे बढ़ेंगे।
इस अवसर पर निदेशक एनईपी संतोष गर्ग, एसडीओ घाटशिला सुनील चंद्र, जिला जनसंपर्क पदाधिकारी पंचानन उरांव, जिला कृषि पदाधिकारी विवेक बिरूआ, बीडीओ यूनिका शर्मा समेत अन्य पदाधिकारी उपस्थित थे।
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