जमशेदपुर: गुरु नानक देव जी के 556वें प्रकाशोत्सव के अवसर पर निकलने वाले भव्य नगर कीर्तन को सुचारु, मर्यादापूर्ण और आस्थामय बनाने के लिए धर्म प्रचार कमिटी, अकाली दल ने संगत से भावनात्मक अपील की है।
अकाली दल ने सभी श्रद्धालुओं से अनुरोध किया है कि वे पालकी साहिब में प्रसाद ग्रहण और माथा टेकते समय धार्मिक मर्यादा, अनुशासन और श्रद्धा का विशेष ध्यान रखें। पालकी साहिब के दर्शन के लिए आने वाले श्रद्धालु गुरु ग्रंथ साहिब के सम्मान में सिर ढंककर और कतारबद्ध होकर माथा टेकें।
![]()
भाई रविंदरपाल सिंह ने बताया कि किसी भी स्थिति में धक्का-मुक्की से बचना चाहिए और पालकी साहिब के स्वागत में खड़े होकर अदब से गुरु साहिब का सत्कार करना चाहिए। यही सच्ची श्रद्धा और संयम का प्रतीक है।
बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि पालकी साहिब के आगे पाँच सिंह निशान साहिब लेकर चलेंगे और पालकी साहिब में विराजमान श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी की सेवा में पाँच प्यार साहिबान की भूमिका निभाएँगे। रागी सिंह जथों द्वारा गुरबाणी का रसपूर्ण कीर्तन किया जाएगा, जिससे संगत को पवित्र कीर्तन का अमृतपान कराया जा सके।
धर्म प्रचार समिति अकाली दल जमशेदपुर इस वर्ष भी परंपरानुसार प्रसाद की सेवा बड़े प्रेम, विनम्रता और गुरु निष्ठा के साथ करेगी। समिति प्रमुख भाई सुखदेव सिंह खालसा और अन्य सदस्यों ने आयोजन को सुचारु रूप देने के लिए अपने सुझाव साझा किए। यह सेवा गुरु घर की पवित्रता और संगत की एकता का प्रतीक मानी जाती है।
इसे भी पढ़ें :