झाड़ग्राम: स्वर्गीय बिनोद बिहारी महतो की जयंती के अवसर पर जंगलमहल स्वराज मोर्चा ने केंद्रीय अध्यक्ष अशोक महतो की ओर से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को एक लिखित आवेदन भेजकर उनसे अनुरोध किया कि महतो जी को मरणोपरांत देश का सर्वोच्च नागरिक सम्मान ‘भारत रत्न’ से अलंकृत किया जाए।
बिनोद बिहारी महतो (23 सितम्बर 1923 – 18 दिसम्बर 1991), जिन्हें आम लोग “बिनोद बाबू” के नाम से जानते हैं, झारखंड राज्य आंदोलन के प्रमुख शिल्पकार और झारखंड मुक्ति मोर्चा के संस्थापक थे। शिक्षक, कोर्ट क्लर्क, वकील, समाज सुधारक और ऐतिहासिक राजनीतिक नेता के रूप में उनका जीवन संघर्ष और समर्पण का प्रतीक रहा।
उन्होंने पिछड़े समाज के अधिकारों के लिए आजीवन संघर्ष किया, शिक्षा और सामाजिक सुधार के आंदोलन को आगे बढ़ाया और झारखंड राज्य के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उनका योगदान केवल झारखंड तक सीमित नहीं, बल्कि पश्चिम बंगाल, ओडिशा और पूरे भारत में उन्हें श्रद्धा के साथ याद किया जाता है।
जंगलमहल स्वराज मोर्चा के केंद्रीय अध्यक्ष अशोक महतो ने कहा, “बिनोद बिहारी महतो को भारत रत्न से सम्मानित किया जाना केवल उनके व्यक्तित्व को श्रद्धांजलि नहीं होगी, बल्कि देश में न्याय, समानता और मानवता के मूल्यों को और मजबूत करेगी।”