खड़गपुर: रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ), खड़गपुर मंडल ने सोमवार को यात्रियों और असुरक्षित बच्चों की सुरक्षा के प्रति अपनी प्रतिबद्धता फिर दिखाई। दो अलग-अलग घटनाओं में चार नाबालिग लड़कों को सुरक्षित बचाकर चाइल्डलाइन अधिकारियों को सौंपा गया।

खड़गपुर स्टेशन पर तीन बच्चों को बचाया
22 सितंबर की शाम लगभग 7:30 बजे, खड़गपुर रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर 7 पर आरपीएफ कर्मियों ने तीन नाबालिग लड़कों को स्कूल यूनिफॉर्म में घूमते देखा। पूछताछ में पता चला कि वे शरारती गतिविधियों के कारण घर पर डांट के डर से स्कूल से भाग आए थे।
डरे हुए बच्चों को तुरंत आरपीएफ पोस्ट ले जाया गया, जहां उन्हें भोजन और पानी दिया गया। इसके बाद, चाइल्डलाइन खड़गपुर को सूचित किया गया और कानूनी औपचारिकताओं के बाद तीनों बच्चों को सुरक्षित अभिरक्षा और आगे की देखभाल के लिए चाइल्डलाइन अधिकारियों को सौंप दिया गया।
वहीं, बालेश्वर रेलवे स्टेशन पर आरपीएफ कर्मियों ने एक नाबालिग लड़के को बैग के साथ इधर-उधर भटकते देखा। पूछताछ में लड़के ने बताया कि उसे एक रिश्तेदार ने स्टेशन पर छोड़ दिया था और वह अकेले असम जा रहा था, लेकिन उसके पास कोई पहचान पत्र या संपर्क विवरण नहीं था।
आरपीएफ ने तुरंत उसकी सुरक्षा सुनिश्चित की, उसे जलपान कराया और जिला बाल संरक्षण अधिकारी व बाल कल्याण समिति को सूचित किया। सभी दस्तावेज़ी प्रक्रिया पूरी होने के बाद लड़के को चाइल्डलाइन टीम को सौंपा गया।
इन दोनों घटनाओं में आरपीएफ की त्वरित और संवेदनशील कार्रवाई ने न केवल नाबालिगों को संभावित शोषण या खतरे से बचाया, बल्कि उनके भविष्य को सुरक्षित करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। आरपीएफ खड़गपुर मंडल की यह पहल रेलवे स्टेशनों पर कमजोर बच्चों की सुरक्षा और उनके कल्याण के प्रति उनके निरंतर प्रयासों का प्रतीक है।
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