बहरागोड़ा : झारखंड के ग्रामीण इलाकों में चरमराती स्वास्थ्य सेवाओं का खामियाजा एक बार फिर एक परिवार को अपनी जान देकर चुकाना पड़ा है, जहाँ बहरागोड़ा के मौदा गाँव में मामूली बुखार और दस्त का इलाज कराने गए 40 वर्षीय नाडु सीट की झोलाछाप डॉक्टर अमरेंद्र पात्र की घोर लापरवाही से मौत हो गई। परिजनों का आरोप है कि जलन से तड़पने के बावजूद झोलाछाप डॉक्टर मरीज की बात को अनसुना कर एक के बाद एक चार गलत इंजेक्शन लगाता रहा, जिससे नाडु सीट अचेत हो गए और बाद में बहरागोड़ा सीएचसी ले जाने पर डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। इस हृदयविदारक घटना से आक्रोशित ग्रामीणों ने स्वास्थ्य विभाग के खिलाफ कड़ा विरोध जताया है, वहीं सूचना पाकर पहुँची पुलिस ने शव को पंचनामा के बाद पोस्टमार्टम के लिए घाटशिला अनुमंडल अस्पताल भेजकर आरोपी झोलाछाप डॉक्टर के खिलाफ वैधानिक कार्रवाई शुरू कर दी है; इस असमय त्रासदी ने अपने पीछे पत्नी, दो बच्चों और बुजुर्ग माता-पिता को रोता-बिलखता छोड़ पूरे गाँव को गहरे शोक में डुबो दिया है।
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