झाड़ग्राम : पश्चिम बंगाल के वन मंत्री मनोज कुमार उरांव ने बुधवार को झाड़ग्राम जिले का दौरा किया। राज्य में सत्ता परिवर्तन के बाद यह वन मंत्री का झाड़ग्राम का पहला दौरा था। अपने दौरे के दौरान मंत्री सबसे पहले जंगलमहल जूलॉजिकल पार्क पहुंचे और वहां की विभिन्न व्यवस्थाओं एवं आधारभूत संरचनाओं का निरीक्षण किया। इसके बाद उन्होंने पार्क के सामने स्थित करीब 226 एकड़ शाल जंगल का भी जायजा लिया, जहां प्रस्तावित टाइगर सफारी विकसित की जानी है।
मंत्री ने कहा कि झाड़ग्राम में टाइगर सफारी शुरू होने से पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा, आर्थिक समृद्धि के नए अवसर पैदा होंगे। उन्होंने टाइगर सफारी के निर्माण के लिए बजट में 25 करोड़ रुपये आवंटित करने की घोषणा की। निरीक्षण के दौरान झाड़ग्राम के डीएफओ उमर इमाम ने वन मंत्री को प्रस्तावित टाइगर सफारी की योजना एवं विकास कार्यों के संबंध में विस्तृत जानकारी दी।
इसके बाद वन मंत्री ने जंगलमहल जूलॉजिकल पार्क की विशेष वाहन से पूरे पार्क का भ्रमण किया। इस दौरान उन्होंने वहां घूमने आए पर्यटकों से भी बातचीत की। पर्यटकों से सहज अंदाज में बातचीत करते हुए मंत्री ने मजाकिया लहजे में कहा कि वे अगली बार झाड़ग्राम आएंगे तो उन्हें यहां नई टाइगर सफारी देखने को मिलेगी। उन्होंने कहा कि “जहां हम पिंजरे में रहेंगे और बाघ खुले आसमान के नीचे रहेंगे।”
मंत्री के इस सहज व्यवहार और पर्यटकों से सीधे परिचय कर बातचीत करने से वहां मौजूद पर्यटक भी काफी प्रभावित हुए। पर्यटकों ने कहा कि आम तौर पर किसी मंत्री को इस तरह स्वयं परिचय देकर पर्यटकों से बातचीत करते देखना उनके लिए सुखद और आश्चर्यजनक अनुभव रहा।
वन मंत्री ने कहा कि टाइगर सफारी के शुरू होने से झाड़ग्राम में पर्यटकों की संख्या बढ़ेगी। इससे स्थानीय स्तर पर रोजगार और व्यवसाय के अवसर बढ़ेंगे तथा पर्यटन आधारित अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।
इस अवसर पर कृषि राज्य मंत्री अमिय किस्कू, झाड़ग्राम के विधायक लक्ष्मीकांत साउ, बिनपुर के विधायक डॉ प्रणत टुडू सहित वन विभाग के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
दौरे के अंत में वन मंत्री ने झाड़ग्राम जिलाधिकारी कार्यालय में आयोजित एक बैठक में हिस्सा लिया, जहां जिले से संबंधित विभिन्न विषयों पर अधिकारियों के साथ चर्चा की गई।
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