पोटका : सामाजिक संस्था युवा (यूथ यूनिटी फॉर वॉलंटरी एक्शन) की ओर से ढेंगाम में आदिम जनजाति सबर समुदाय के परिवारों के लिए आजीविका एवं पोषण पर एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसमें कराड़कोचा, ढेंगाम और लांगो गांव के करीब 50 सबर परिवारों ने भाग लिया।
प्रशिक्षण का उद्देश्य परिवारों को स्थानीय संसाधनों के माध्यम से स्थायी एवं अतिरिक्त आय के साधनों से जोड़ना तथा पोषण स्तर में सुधार करना था। संस्था के कार्यकर्ता अरूप मंडल ने बकरी एवं मुर्गी पालन की जानकारी देते हुए सुरक्षित आवास, संतुलित चारा-दाना, साफ-सफाई, टीकाकरण और बीमारियों से बचाव के उपाय बताए। उन्होंने कहा कि परिवार कम लागत में छोटे स्तर से पशुपालन शुरू कर धीरे-धीरे इसका विस्तार कर सकते हैं।
वहीं, कापरा माझी ने पोषण वाटिका के महत्व पर जानकारी दी। उन्होंने घर के आसपास खाली जगह में मौसमी और हरी सब्जियां उगाने के लिए परिवारों को प्रेरित किया। इससे ताजी एवं पौष्टिक सब्जियां घर पर उपलब्ध होने के साथ बाजार से खरीदारी का खर्च भी कम होगा।
प्रशिक्षण के दौरान बच्चों और महिलाओं के भोजन में हरी सब्जियों को शामिल करने पर विशेष जोर दिया गया। अंत में सवाल-जवाब सत्र में प्रतिभागियों ने पशुपालन, टीकाकरण, चारा-दाना, बीमारी से बचाव और पोषण वाटिका से जुड़े सवाल पूछे। प्रशिक्षकों ने सरल भाषा में आवश्यक जानकारी दी। कार्यक्रम को सफल बनाने में अरूप मंडल, कापरा माझी, वालंटियर साकरो, द्रौपदी, घासीराम और लता की भूमिका रही।
There is no ads to display, Please add some

















































