
रांची: शराब घोटाले के आरोप में जेल में बंद आईएएस अफसर विनय कुमार चौबे को एसीबी कोर्ट से डिफॉल्ट बेल मिल गई है। दरअसल, गिरफ्तारी के 92 दिन बीत जाने के बाद भी एसीबी चार्जशीट दाखिल नहीं कर सकी। सुप्रीम कोर्ट की गाइडलाइन के मुताबिक तय समय में चार्जशीट दाखिल न होने पर आरोपी को बेल का हक मिल जाता है।
वकील की दलील और कोर्ट का आदेश
विनय चौबे की तरफ से अधिवक्ता देवेश अजमानी ने दलील दी कि चार्जशीट दाखिल न होने की वजह से चौबे जमानत के हकदार हैं। कोर्ट ने दलील मानते हुए उन्हें बेल दी। शर्त यह है कि –
25-25 हज़ार रुपये के दो निजी मुचलके भरने होंगे।
अदालत की अनुमति के बिना राज्य से बाहर नहीं जा सकेंगे।
मोबाइल नंबर भी बदल नहीं पाएंगे।
फिर भी जेल से बाहर नहीं आ पाएंगे
हालांकि, चौबे अभी जेल से बाहर नहीं आ पाएंगे। वजह यह है कि वे हजारीबाग में जमीन घोटाले के एक और मामले में आरोपी हैं। इस केस में उन्हें प्रोडक्शन पर ले जाया गया है, इसलिए उनकी हिरासत जारी रहेगी।
अन्य आरोपियों को भी मिल सकती बेल
इस मामले के अन्य आरोपी सुधीर कुमार दास और सुधीर कुमार को भी राहत मिल सकती है। अगर उनके खिलाफ समय पर चार्जशीट दाखिल नहीं होती है, तो उन्हें भी डिफॉल्ट बेल का हक मिलेगा।
एसीबी ने विनय चौबे को 20 मई को गिरफ्तार किया था और उसी दिन जेल भेज दिया गया था। आरोप पत्र दाखिल करने की अंतिम तारीख 18 अगस्त थी, लेकिन तय समय में चार्जशीट दाखिल नहीं हो पाई।
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