
बेंगलूरू : कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धरमैया ने मंगलवार को सहकारिता मंत्री केएन राजन्ना को मंत्रिपरिषद से बर्खास्त कर दिया। मुख्यमंत्री ने राज्यपाल थावरचंद गहलोत को उनकी बर्खास्तगी की सिफारिश भेजी, जिसे राजभवन ने मंजूरी दे दी। सूत्रों के मुताबिक, सिद्धरमैया ने पहले राजन्ना से इस्तीफा देने को कहा था, लेकिन जब उन्होंने इनकार किया तो उन्हें पद से हटा दिया गया।
राजन्ना हाल ही में अपने विवादित बयानों को लेकर राजनीतिक संकट में घिर गए थे। सिद्धरमैया के करीबी माने जाने वाले राजन्ना ने महादेवपुरा विधानसभा क्षेत्र में 2024 लोकसभा चुनाव के दौरान कथित वोट चोरी का आरोप अपनी ही कांग्रेस सरकार पर लगाया था। उनका कहना था कि यह गड़बड़ी कांग्रेस शासन में और उनकी आंखों के सामने हुई।
इस बयान से कांग्रेस हाईकमान नाराज हो गया, खासकर तब जब राहुल गांधी ने हाल ही में दिल्ली और बेंगलुरु में प्रेस कॉन्फ्रेंस और जनसभा में भाजपा पर कथित वोट चोरी के जरिए सत्ता में आने का आरोप लगाया था। राजन्ना के शब्दों में, “वोटर लिस्ट कांग्रेस शासन में तैयार की गई थी, अगर इसमें गड़बड़ियां थीं तो हम अब तक चुप क्यों थे?”—यह टिप्पणी पार्टी नेतृत्व के लिए असहज स्थिति पैदा कर गई।
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