अयोध्या: अयोध्या में कार्तिक पूर्णिमा के अवसर पर बुधवार तड़के सरयू नदी के घाटों पर श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ पड़ा। लाखों लोग मंगलवार रात से ही अयोध्या पहुंच चुके थे। सुबह चार बजे से ही स्नान का सिलसिला शुरू हो गया और घाटों पर “हर हर सरयू” के जयघोष गूंज उठे।
श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए प्रशासन ने लता मंगेशकर चौक और सरयू घाट की ओर जाने वाले मार्गों पर वाहनों की आवाजाही पर रोक लगा दी है। कुल 12 स्थानों से आवागमन प्रतिबंधित किया गया है और पांच जगहों पर अस्थायी पार्किंग बनाई गई है। यह व्यवस्था मेले की समाप्ति तक लागू रहेगी। हालांकि, एम्बुलेंस और आवश्यक सेवाओं वाले वाहनों को छूट दी गई है।
श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए पूरी तैयारी
नगर निगम ने स्नान के दौरान श्रद्धालुओं को किसी तरह की परेशानी न हो, इसके लिए विशेष इंतज़ाम किए हैं। घाटों पर 250 बायो टॉयलेट, 9 स्थायी और 88 अस्थायी (63 केबिन + 25 टेंट) चेंजिंग रूम तैयार किए गए हैं, ताकि विशेषकर महिला श्रद्धालुओं को सुविधा मिल सके।
महापौर महंत गिरीशपति त्रिपाठी और नगर आयुक्त जयेंद्र कुमार ने मंगलवार को घाटों का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। उन्होंने सभी अधिकारियों को साफ-सफाई और जलापूर्ति की निरंतर निगरानी के निर्देश दिए।
घाटों की सफाई और जल व्यवस्था पर सख्त नजर
नगर निगम के जनसंपर्क अधिकारी मुकेश पांडेय ने बताया कि घाटों की सफाई के लिए 250 सफाईकर्मी तीन शिफ्टों में तैनात किए गए हैं। साथ ही 25 स्थानों पर शुद्ध पेयजल की आपूर्ति सुनिश्चित की गई है। सभी हैंडपंप, वाटर कियोस्क और स्टैंड पोस्ट क्रियाशील रखे गए हैं। घाटों और पार्किंग स्थलों पर पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था भी की गई है।
तीन जोन में बंटी व्यवस्था, अफसरों को सौंपी गई जिम्मेदारी
नगर निगम ने कार्तिक पूर्णिमा मेला क्षेत्र को तीन जोनों में विभाजित कर पर्यवेक्षण की जिम्मेदारी अधिकारियों को सौंपी है।
पक्का घाट, आरती घाट, श्रीरामजन्मभूमि, हनुमानगढ़ी और कनक भवन क्षेत्र की देखरेख डॉ. नागेंद्र नाथ (सुपर नोडल अधिकारी) और अशोक गुप्ता (नोडल अधिकारी) करेंगे।
संत तुलसीदास घाट और ऋणमोचन घाट की जिम्मेदारी भारत भार्गव और गुरु प्रसाद पांडेय को दी गई है।
गुप्तार घाट क्षेत्र का पर्यवेक्षण सुमित कुमार और सुभाष त्रिपाठी संभालेंगे।















































