बहरागोड़ा : पूर्वी सिंहभूम जिले अंतर्गत बहरागोड़ा प्रखंड का पानीपड़ा घाट मंगलवार को उस समय ‘कुरुक्षेत्र’ में तब्दील हो गया, जब नदी किनारे अवैध बालू उत्खनन के दौरान एक विशालकाय लोहे की वस्तु बरामद हुई। इस खोज के बाद पूरे इलाके में यह चर्चा आग की तरह फैल गई है कि यह द्वितीय विश्व युद्ध के समय का कोई अविस्फोटित शक्तिशाली बम (Live Bomb) हो सकता है।मिली जानकारी के मुताबिक, मंगलवार सुबह कुछ स्थानीय लोग पानीपड़ा घाट पर अवैध बालू की खुदाई कर रहे थे। काफी गहराई पर जाने के बाद फावड़ा किसी बेहद सख्त धातु से टकराया। ग्रामीणों को लगा कि शायद कोई पुराना खजाना या अवशेष है, लेकिन खुदाई पूरी होने पर जो बाहर निकला, उसने सबके होश उड़ा दिए। बाहर निकली वस्तु लोहे की बनी है, जो दिखने में काफी भारी और किसी मिसाइल या बम के आकार की है।
ऐतिहासिक संबंध और दहशत का कारण:-
ग्रामीणों के बीच दहशत की मुख्य वजह बहरागोड़ा का ऐतिहासिक सैन्य महत्व है।वहीं द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान बहरागोड़ा और आसपास के क्षेत्रों (जैसे चाकुलिया) में मित्र राष्ट्रों के महत्वपूर्ण हवाई अड्डे हुआ करते थे।
बुजुर्गों का मानना है कि उस दौर में यहां भारी मात्रा में गोला-बारूद का भंडारण और परिवहन होता था। ऐसे में नदी की तलहटी में मिला यह ‘लोहा’ कोई साधारण वस्तु नहीं, बल्कि दशकों पुराना जिंदा बम हो सकता है। लेकिन समाचार लिखे जाने तक कोई विशेषज्ञ टीम यहां नहीं पहुंची है।
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