जमशेदपुर: समाजवादी चिंतक और अधिवक्ता सुधीर कुमार पप्पू ने केंद्रीय बजट 2025 पर कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए इसे जनता को ठगने वाला और पूरी तरह निरर्थक बताया. उन्होंने कहा कि मोदी सरकार का यह बजट आम जनता, गरीबों, किसानों, मजदूरों और युवाओं के लिए किसी भी तरह की राहत नहीं लाता. यह सिर्फ लोकलुभावन वादों से भरा हुआ चुनावी बजट है, जिसमें ज़मीनी हकीकत को नजरअंदाज किया गया है.
10 वर्षों में अधूरे रहे बजटीय वादे?
सुधीर कुमार पप्पू ने कहा कि बीते 10 वर्षों में मोदी सरकार ने जितने भी बजट पेश किए, उनमें किए गए वादों को कभी पूरा नहीं किया गया. इस बार भी रेलवे, रोजगार, किसानों और गरीबों के नाम पर खोखली घोषणाएं की गई हैं. उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार का पूरा ध्यान सिर्फ अमीरों और बड़े उद्योगपतियों को फायदा पहुंचाने पर केंद्रित है, जबकि बिहार और झारखंड जैसे राज्यों के साथ बार-बार अनदेखी की गई है.
रेलवे और विकास योजनाओं में भेदभाव?
उन्होंने कहा कि रेलवे के क्षेत्र में सिर्फ कुछ लग्जरी ट्रेनों की घोषणा की गई है, जिससे सिर्फ उच्च वर्ग को लाभ मिलेगा, जबकि आम यात्रियों के लिए कोई ठोस योजना नहीं बनाई गई. गरीबों के लिए किसी भी तरह की सुविधा का उल्लेख तक नहीं किया गया है.
क्या चुनावी बजट साबित होगा?
सुधीर कुमार पप्पू ने इस बजट को पूरी तरह चुनावी करार देते हुए कहा कि पिछले वर्ष किए गए वादे आज तक अधूरे पड़े हैं. उन्होंने कटाक्ष करते हुए कहा कि मोदी सरकार का इंजन अब फेल हो चुका है और उसकी विकास रूपी गाड़ी पटरी से उतर चुकी है. इस बजट से जनता को कोई उम्मीद नहीं रखनी चाहिए.
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