
सरायकेला: चांडिल अनुमंडल क्षेत्र के खूंटी गांव में नर्सिंग इस्पात कंपनी के विस्तार के खिलाफ गुरुवार को सैकड़ों ग्रामीणों ने बृहद ग्रामसभा की। पंचायत समिति सदस्य परीक्षित महतो की अध्यक्षता में हुई इस सभा में ग्रामीणों ने साफ कहा कि कंपनी का विस्तार हर हाल में रोका जाएगा।
ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि कंपनी के कारण क्षेत्र में प्रदूषण बढ़ा है और खेती योग्य जमीन बर्बाद हो रही है। मजदूरी दर घटा दी गई है, PF और ESI का लाभ नहीं मिल रहा और कर्मचारियों को सुरक्षा उपकरण तक नहीं दिए जा रहे। इससे न सिर्फ मजदूरों की जिंदगी खतरे में है बल्कि गांव की आजीविका भी प्रभावित हो रही है।
सभा में बड़ी संख्या में महिलाएं भी शामिल हुईं। उन्होंने कंपनी पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि कंपनी की वजह से खेत बंजर हो रहे हैं और परिवार की रोज़ी-रोटी पर संकट खड़ा हो गया है।
झारखंड लोकतांत्रिक क्रांतिकारी मोर्चा (JLKM) के केंद्रीय उपाध्यक्ष तरुण महतो ने जनसुनवाई की प्रक्रिया पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा –
“क्या कभी सुना है कि जनसुनवाई कंपनी के भीतर हो? असली जनसुनवाई जनता के बीच, खुले मैदान में होनी चाहिए। यहां तो सिर्फ कंपनी और प्रशासन की मिलीभगत से औपचारिकता निभाई जा रही है। पहले पुराने विवाद हल करो, फिर जनता से राय लो।”
ग्रामीणों ने उन जनप्रतिनिधियों पर गुस्सा जताया जो कंपनी के पक्ष में खड़े दिखाई दे रहे हैं। लोगों ने चेतावनी दी कि ऐसे प्रतिनिधियों का बहिष्कार किया जाएगा।
सभा के अंत में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि नर्सिंग इस्पात कंपनी का विस्तार किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं होगा। ग्रामीणों ने मांग की कि आगे की जनसुनवाई गांवों में खुले स्थान पर और निष्पक्ष तरीके से की जाए, तभी वे अपनी राय रखेंगे।
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