Rahul Gandhi Bihar Visit: पांच महीने में पांचवीं बार बिहार पहुँच रहे राहुल, OBC-EBC को साधने की तैयारी

राजगीर: बिहार में आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर सियासी गतिविधियाँ तेज़ हो गई हैं. सत्ता पक्ष जहां योजनाओं और घोषणाओं के माध्यम से अपनी पकड़ मजबूत करने में जुटा है, वहीं विपक्ष भी लगातार ताकत दिखाने में लगा है. इसी क्रम में कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष एवं लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी 6 जून को एक बार फिर बिहार दौरे पर आ रहे हैं.

नालंदा के राजगीर में होगा ‘अत्यंत पिछड़ा सम्मेलन’
राहुल गांधी इस बार मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के गृह ज़िले नालंदा के राजगीर में ‘अत्यंत पिछड़ा सम्मेलन’ को संबोधित करेंगे. यह कार्यक्रम राजनीतिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण माना जा रहा है. कांग्रेस इसे पिछड़ा और अत्यंत पिछड़ा वर्ग को साधने के अवसर के रूप में देख रही है. आयोजन को लेकर पार्टी के स्थानीय और राज्य स्तरीय नेता व्यापक तैयारियों में जुटे हैं.

पांच महीने में पांचवां दौरा
गौरतलब है कि राहुल गांधी का यह बिहार में पांच महीने में पांचवां दौरा होगा. वे इससे पूर्व जनवरी, फरवरी, अप्रैल और मई में दरभंगा व पटना का दौरा कर चुके हैं. जून का यह दौरा बताता है कि बिहार कांग्रेस के चुनावी एजेंडे में प्रमुखता से शामिल है. खासतौर पर ग्रामीण, पिछड़े और वंचित वर्ग को साधने के लिए राहुल गांधी बार-बार सीधे जनता के बीच जाने का प्रयास कर रहे हैं.

कार्यक्रम पहले टला, अब 6 जून को होगा सम्मेलन
पूर्व में यह सम्मेलन 27 मई को आयोजित होना था, पर किसी कारणवश इसे स्थगित कर दिया गया था. अब यह कार्यक्रम 6 जून को आयोजित किया जाएगा. कांग्रेस की रणनीति है कि इस सम्मेलन के माध्यम से OBC और EBC वर्ग को जोड़कर राज्य में सामाजिक समीकरण अपने पक्ष में किया जाए.

दरभंगा दौरे में हुआ था विवाद
राहुल गांधी का पिछला बिहार दौरा दरभंगा में हुआ था, जहां उनका कार्यक्रम विवादों में घिर गया था. आयोजकों को स्थल की अनुमति नहीं मिली थी, बावजूद इसके राहुल गांधी ने सभा की. इसके बाद उनके विरुद्ध प्राथमिकी भी दर्ज की गई थी. इसके बावजूद कांग्रेस का जोश कम नहीं हुआ है और राहुल गांधी लगातार बिहार का दौरा कर रहे हैं.

कांग्रेस कार्यकर्ताओं में उत्साह, चुनावी जमीन मजबूत करने की कोशिश
राजगीर के इस दौरे को लेकर कांग्रेस कार्यकर्ताओं में जबरदस्त उत्साह है. विधानसभा चुनाव की आहट के बीच पार्टी यह संदेश देना चाहती है कि वह सभी वर्गों तक पहुंचने और उन्हें साथ जोड़ने के लिए गंभीर है. राहुल गांधी का यह प्रयास कांग्रेस के लिए बिहार में नई ऊर्जा का संचार कर सकता है.

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