रांची: 5 नवंबर को झारखंड राज्य किसान सभा कार्यालय, रांची में संयुक्त किसान मोर्चा और ट्रेंड यूनियन मोर्चा की बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता अनिर्वान बोस ने की। बैठक में निर्णय लिया गया कि 26 नवंबर को राजधानी रांची सहित सभी जिला मुख्यालयों में किसान-मजदूर प्रदर्शन किया जाएगा।
प्रदर्शन की मुख्य मांगें
प्रदर्शन में किसानों और मजदूरों की निम्नलिखित मांगें शामिल होंगी:
- फसलों के लिए एमएसपी की कानूनी गारंटी
- श्रम कानूनों में मजदूर विरोधी संशोधन वापस लेने की मांग
- कर्ज माफी, चार लेबर कोड रद्द करने
- जल, जंगल, जमीन और खनिज संपदा की रक्षा
- कारपोरेट लूट, स्मार्ट मीटर, हाथियों का आतंक, सर्वाधिक निजीकरण
- महंगाई, बेरोजगारी, विस्थापन और पलायन रोकने की मांग
- वन पट्टा, जमीन में ऑनलाइन गड़बड़ी, सिंचाई जैसी स्थानीय समस्याओं का समाधान
बैठक में निर्णय लिया गया कि 5 नवंबर से 15 नवंबर तक जिलों में किसान-मजदूर कन्वेंशन आयोजित किए जाएंगे, गांवों में पदयात्रा और जुलूस निकाले जाएंगे।
15 नवंबर को शहीद बिरसा मुंडा जयंती के मौके पर “झारखंड के 25 साल, सपना अधूरा” के नारों के साथ व्यापक कार्यक्रम आयोजित होगा।
24 नवंबर को संयुक्त किसान मोर्चा और ट्रेंड यूनियन मोर्चा प्रेस कॉन्फ्रेंस करके 26 नवंबर के प्रदर्शन की अंतिम तैयारियों का आवाहन करेंगे।
बैठक में झारखंड राज्य किसान सभा के राज्य अध्यक्ष सुफल महतो, किसान महासभा के राज्य सचिव पूरन महतो, अखिल भारतीय क्रांतिकारी किसान-मजदूर के राज्य सचिव मुकुंद महतो, खेत-मजदूर यूनियन नेता बिरेंद्र कुमार, सीटू राज्य कोषाध्यक्ष अनिर्वान बोस, प्रतीक मिश्रा समेत अन्य कई नेताओं ने भाग लिया।