पोटका: हल्दीपोखर में शिक्षित वर्ग के कुछ बुद्धिजीवियों द्वारा बाबा साहेब डॉ. भीम राव अम्बेडकर की जयन्ती मनाई गई. इस अवसर पर महात्मा ज्योतिबा फुले को भी श्रद्धांजलि अर्पित की गई.कार्यक्रम की शुरुआत सेवानिवृत्त शिक्षक राज वल्लभ ताँती और जितेन्द्र सरदार द्वारा बाबा साहेब और महात्मा ज्योतिबा फुले की तस्वीरों पर माल्यार्पण करके की गई. तत्पश्चात, उपस्थित सभी लोगों ने दोनों विभूतियों के चरणों में श्रद्धासुमन अर्पित किए.
शिक्षकों और समाजसेवियों के विचार
मंगला सरदार ने अपने संबोधन में कहा कि हमें इन महान विभूतियों द्वारा दर्शाए गए मार्ग पर चलना चाहिए. शिक्षक जितेन्द्र गोप ने कहा कि ये महामानव जिस समाज के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर कर गए, हमें उस समाज के प्रत्येक व्यक्ति के साथ दया, प्रेम, सहयोग, सहानुभूति और सहिष्णुता के साथ जीवन यापन करना चाहिए.जितेन्द्र सरदार ने कहा कि हमें इन विभूतियों के मार्गदर्शन पर शिक्षित होने और संगठित होने के लिए निरंतर प्रयासशील रहना चाहिए.
संघर्ष और अधिकारों की प्राप्ति
सेवानिवृत्त शिक्षक राज वल्लभ ताँती ने इन महान विभूतियों का जन्म जिस कठिन समय में हुआ, उसकी जानकारी दी. उन्होंने बताया कि उस समय हमें संपत्ति रखने, पढ़ने, सार्वजनिक स्थानों पर जाने आदि का कोई अधिकार नहीं था. यह महामानव हमारे लिए संघर्ष करके इन अधिकारों की प्राप्ति का मार्ग प्रशस्त किया.
उन्होंने कहा कि आज हमें पढ़ने, अपना उद्गार व्यक्त करने, चुनाव लड़ने जैसे अधिकार जिनके प्रयास से प्राप्त हुए हैं, उनकी याद हमेशा हम सबको आनी चाहिए.
धन्यवाद ज्ञापन
कार्यक्रम के अंत में सुनील गोप ने सभी का धन्यवाद ज्ञापित किया. इस कार्यक्रम में राज वल्लभ ताँती, जितेन्द्र सरदार, मंगला सरदार, शमित कुमार, जितेन्द्र गोप, प्रभात रंजन पात्र, सुनील गोप, सरस्वती देवी आदि उपस्थित थे.
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