
गुवा: गंगदा पंचायत अंतर्गत दुईया गांव के पंचायत भवन में एक महत्वपूर्ण ग्रामसभा का आयोजन किया गया. बैठक की अध्यक्षता ग्रामीण मुंडा जानुम सिंह चेरोवा ने की, जबकि पंचायत के मुखिया सुखराम उर्फ राजू सांडिल भी बैठक में प्रमुख रूप से उपस्थित रहे. मुख्य विषय रहा – पंचायत क्षेत्र में बढ़ते पेयजल संकट का स्थायी समाधान.
ग्रामसभा में सर्वसम्मति से यह प्रस्ताव पारित किया गया कि डीएमएफटी फंड के माध्यम से पंचायत के विभिन्न गांवों और टोलों में डीप बोरिंग और सोलर जल मीनार लगाए जाएंगे. इसके लिए जिला प्रशासन को औपचारिक आग्रह पत्र भेजने का निर्णय लिया गया.
कहां-कहां लगेंगे सोलर जल मीनार?
ग्रामसभा में जिन स्थानों की अनुशंसा की गई, उनमें प्रमुख हैं:
बुरुसाई टोला: रसीका चेरोवा, सुकराम चेरोवा और गोगा सिधु के घर के सामने
लुटीबेड़ा टोला: देवेंद्र अंगारिया और सिदिसू मेलगांडी के घर के पास
दुइया गांव (नीचे टोला): करम सिंह सांडिल के घर के सामने
मुंडा टोला: मुंडा जानुम सिंह चेरोवा के घर के सामने
ग्रामसभा ने तय किया कि इन सभी स्थलों पर जिला प्रशासन के सहयोग से शीघ्र ही पेयजल संरचनाएं स्थापित कराई जाएंगी.
ज्ञात हो कि बीते दिनों जल संकट को लेकर गंगदा पंचायत के ग्रामीणों ने सलाई चौक पर सड़क जाम कर विरोध प्रदर्शन किया था. उस समय मौके पर पहुंचे मनोहरपुर एसडीओ ने आश्वासन दिया था कि ग्रामसभा के माध्यम से प्राप्त सूची के अनुसार हर प्रभावित गांव में त्वरित समाधान किया जाएगा. उन्होंने यह भी कहा था कि दोदारी आसन्न पेयजल आपूर्ति योजना से वंचित गांवों में एक माह के भीतर पाइपलाइन से जल आपूर्ति शुरू की जाएगी.
पंचायत मुखिया राजू सांडिल ने बैठक में स्पष्ट कहा कि संवेदक द्वारा आंदोलन के समय जो वादे किए गए थे, उनका पालन नहीं हुआ है. कुछ गांवों में केवल दिखावटी कार्य किया गया है जबकि अधिकांश अब भी पानी के लिए संघर्ष कर रहे हैं. उन्होंने चेतावनी दी कि इस लापरवाही को अब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। मुखिया ने यह भी घोषणा की कि बहुत जल्द जलापूर्ति योजना से जुड़ी सभी जानकारियाँ आरटीआई के माध्यम से सार्वजनिक की जाएंगी. एक विशेष टीम इस उद्देश्य के लिए आवेदन देगी और जो तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी.
इसे भी पढ़ें : West Singhbhum: नोआमुंडी की खदानों में खिली हरियाली की नई उम्मीद, लगेंगे 20 हजार पौधे