पश्चिमी सिंहभूम: पश्चिमी सिंहभूम जिला दंडाधिकारी-सह-उपायुक्त के निर्देशानुसार राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम (NFSA) के तहत आगामी अगस्त 2025 तक की अवधि के लिए अग्रिम खाद्यान्न उठाव और वितरण सुनिश्चित करने की तैयारी शुरू कर दी गई है. इस दिशा में शनिवार को जिला आपूर्ति पदाधिकारी सुनीला खलको ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बैठक की अध्यक्षता की.
सभी संबंधित पदाधिकारियों के साथ हुई बैठक
इस बैठक में सभी प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारी, झारखंड राज्य खाद्य निगम (JSFC) के परिवहन अभिकर्ता, सहायक गोदाम प्रबंधक तथा डोर स्टेप डिलीवरी एजेंसियों के प्रतिनिधि शामिल हुए. बैठक का उद्देश्य आगामी तीन महीनों के राशन वितरण की रणनीति पर विस्तार से विमर्श करना था.
तीन चरणों में होगा राशन वितरण
जिला आपूर्ति पदाधिकारी ने जानकारी दी कि भारत सरकार के निर्देशानुसार वर्तमान मानसून को ध्यान में रखते हुए लाभुकों को जून, जुलाई और अगस्त 2025 का राशन अग्रिम रूप से उपलब्ध कराया जाएगा. वितरण निम्नलिखित चरणों में किया जाएगा:
01 जून से 15 जून: जून और जुलाई माह का राशन वितरण.
16 जून से 30 जून: अगस्त माह का राशन वितरण.
बायोमेट्रिक सत्यापन और तीन बार अंगूठा लगाना अनिवार्य
जिला आपूर्ति पदाधिकारी ने स्पष्ट किया कि सभी डीलरों को तीनों महीनों के राशन वितरण के लिए लाभुकों से तीन बार अलग-अलग बायोमेट्रिक सत्यापन (अंगूठा लगाना) कराना होगा. साथ ही प्रत्येक माह के लिए अलग पर्ची भी जारी करनी होगी.
राशन भंडारण और डोर स्टेप डिलीवरी की प्रक्रिया
अधिनियम के तहत प्रत्येक माह का राशन पहले भारतीय खाद्य निगम (FCI) के गोदाम से उठाकर झारखंड राज्य खाद्य एवं असैनिक आपूर्ति निगम लिमिटेड के गोदाम में भंडारित किया जाता है. इसके बाद डोर स्टेप डिलीवरी के माध्यम से यह खाद्यान्न जन वितरण प्रणाली की दुकानों तक पहुंचाया जाता है, जहां से लाभुकों के बीच वितरण होता है.
31 मई तक करना होगा अग्रिम उठाव
भारत सरकार के निर्देश के अनुसार अगस्त 2025 तक के लिए आवंटित खाद्यान्न का अग्रिम उठाव 31 मई 2025 तक पूरा कर लेना अनिवार्य है. इसके लिए सभी संबंधित एजेंसियों को कार्ययोजना तैयार कर ली गई है.
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