रांची: झारखंड एकेडमिक काउंसिल (JAC) ने 7-8 मार्च को हिंदी और विज्ञान विषय की कक्षा दसवीं की बोर्ड परीक्षा फिर से आयोजित करने का निर्णय लिया है. 20 फरवरी को इन दोनों विषयों की परीक्षा रद्द कर दी गई थी, क्योंकि इनका प्रश्न पत्र कथित तौर पर सोशल मीडिया पर लीक हो गया था.
झारखंड पुलिस ने हाल ही में इस पेपर लीक मामले में 10 लोगों को गिरफ्तार किया है. मामले की जांच अभी भी जारी है, और पुलिस ने आरोपियों से पूछताछ की है.
कड़ी सुरक्षा में आयोजित हुईं अन्य परीक्षाएं
अधिकारियों के मुताबिक, राज्यभर में 11 फरवरी से कड़ी सुरक्षा के बीच कक्षा-10 और कक्षा-12 की बोर्ड परीक्षाएं शुरू हुई थीं. इन परीक्षाओं में 7.84 लाख से अधिक छात्रों ने नामांकन किया था और राज्य के 2,086 केंद्रों पर परीक्षा आयोजित की गई थी.
पेपर लीक का मामला
झारखंड एकेडमिक काउंसिल द्वारा ली गई दसवीं की परीक्षा में हिंदी और विज्ञान के प्रश्न पत्र लीक हो गए थे. इन पेपरों को इंटरनेट पर वायरल होते हुए देखा गया था. कोडरमा के एक गिरोह ने व्हाट्सएप ग्रुप के माध्यम से 350 रुपए में ये पेपर बेचे थे. पेपर के बदले क्यूआर कोड के जरिए राशि की वसूली की गई थी.
परीक्षा रद्द करने का निर्णय
जब वायरल हुए पेपर हूबहू परीक्षा में पाए गए, तो काउंसिल ने हिंदी और विज्ञान की परीक्षाओं को रद्द कर दिया था. गिरिडीह में 25 फरवरी को पुलिस ने छह छात्रों को गिरफ्तार किया, जिनसे प्रारंभिक पूछताछ में यह पता चला कि कुछ मजदूरों ने इन प्रश्न पत्रों को चुराया था. ये मजदूर ट्रक से प्रश्न पत्रों को स्ट्रांग रूम तक पहुंचाने का काम कर रहे थे.
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