रांची: झारखंड विधानसभा के अध्यक्ष रवींद्रनाथ महतो ने अपने पूरे परिवार के साथ महाकुंभ में भाग लिया. उन्होंने त्रिवेणी संगम के तट पर आस्था की डुबकी लगाई और देश तथा राज्य की समृद्धि व विकास के लिए प्रार्थना की.
महाकुंभ का महत्व
महतो ने इस अवसर पर कहा कि महाकुंभ हमारे हजारों वर्षों पुरानी आस्था, धार्मिक संस्कृति और आध्यात्मिक परंपरा से जुड़ा मानवता का उत्सव है. यह एक ऐसा अवसर है जो समाज के सभी वर्गों को एक साथ लाता है और हमें हमारे सांस्कृतिक मूल्यों की याद दिलाता है. महतो ने ट्वीट करते हुए लिखा कि “विश्व के विशालतम सांस्कृतिक समागम महाकुम्भ के दूसरे दिन आज पवित्र स्नान में डुबकी लगाया. पूजा अर्चना कर भगवान सूर्य से झारखंड वासियों के समृद्ध , खुशहाली और कल्याण की प्रार्थना किया.”

सोशल मीडिया पर साझा की तस्वीरें
महतो ने इस महत्वपूर्ण अवसर की कुछ तस्वीरें भी सोशल मीडिया पर साझा की हैं. इन तस्वीरों के माध्यम से उन्होंने अपने अनुयायियों को महाकुंभ की महत्ता और आस्था के महत्व को समझाने का प्रयास किया है.
महाकुंभ में आस्था की प्रतीक
महाकुंभ केवल धार्मिक उत्सव नहीं है, बल्कि यह एक ऐसी सामाजिक एकता का प्रतीक है जो हमें एकजुट करता है. इस महोत्सव के माध्यम से हम अपने भीतर की सकारात्मकता को जागृत कर सकते हैं और एक नई ऊर्जा के साथ अपने जीवन को आगे बढ़ा सकते हैं.
इस प्रकार, विधानसभा अध्यक्ष रवींद्रनाथ महतो का महाकुंभ में भाग लेना न केवल उनके व्यक्तिगत आस्था का प्रतीक है, बल्कि यह झारखंड के लिए एक महत्वपूर्ण सांस्कृतिक क्षण भी है.
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