
पोटका: चतरा जिले के एक प्रज्ञा केंद्र संचालक शैलेंद्र सिंह द्वारा आत्महत्या किए जाने की घटना ने राज्यभर के वीएलई (प्रज्ञा केंद्र संचालकों) को झकझोर दिया है. इसी कड़ी में पोटका प्रखंड के सभी प्रज्ञा केंद्र संचालकों ने सोमवार को प्रखंड कार्यालय परिसर में प्रदर्शन किया और शैलेंद्र सिंह को श्रद्धांजलि दी.
संचालकों ने आरोप लगाया कि शैलेंद्र सिंह पर पदाधिकारियों का लगातार दबाव बनाया जा रहा था, जिसके चलते वे मानसिक तनाव में आकर आत्महत्या के लिए विवश हो गए.
प्रदर्शनकारियों ने कहा कि प्रज्ञा केंद्र संचालकों पर अनावश्यक दबाव बनाना बंद किया जाए. अध्यक्ष मृणाल कांति पाल और नारायण भकत ने कहा कि यह घटनाक्रम सिस्टम की विफलता का प्रमाण है. वेतन पांच महीने से लंबित है, लेकिन जिम्मेदार अधिकारी हर दिन नया दबाव बनाते हैं.
प्रदर्शन के दौरान प्रज्ञा केंद्र संचालकों ने बीडीओ के नाम ज्ञापन सौंपते हुए शैलेंद्र सिंह के परिवार को मुआवजा, नौकरी और अन्य सहायता देने की मांग की. साथ ही कहा कि यदि मांगें पूरी नहीं हुईं, तो आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा.
प्रदर्शन की शुरुआत शैलेंद्र सिंह की आत्मा की शांति के लिए दो मिनट के मौन से की गई. इसके बाद सभी संचालक क्रमिक हड़ताल पर चले गए. आंदोलन की अवधि तीन दिनों की तय की गई है.
प्रदर्शन में मृणाल कांति पाल, नारायण भकत, समित कुमार, अरुण भकत, हरीश सरदार, मंगल सरदार, संदीप भकत, रथीन भकत, वरुण भकत और प्रबीर कुमार समेत दर्जनों वीएलई शामिल थे.
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