जादूगोड़ा: राखा कॉपर भूतपूर्व कर्मचारी संघ की एक विशाल आमसभा दुर्गा मंडप, राखा कॉपर में आयोजित हुई। इस बैठक में बड़ी संख्या में पूर्व कर्मचारी शामिल हुए। सभा में निर्णय लिया गया कि 23 जुलाई को एचसीएल प्रबंधन को मांग पत्र सौंपा जाएगा।
संगठन की मुख्य मांग है कि कंपनी भूतपूर्व कर्मचारियों की बात सुने और उनके एक-एक आश्रित को रोजगार दे। अन्यथा उन्होंने स्पष्ट कर दिया कि माइनिंग संचालन को रोका जाएगा।
सभा को संबोधित करते हुए भाजपा नेता मनोज प्रताप सिंह ने कहा कि हिंदुस्तान कॉपर लिमिटेड (एचसीएल) प्रबंधन और बिचौलिए मिलकर महज 10 हजार रुपये में नौकरियाँ बेच रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि इन बिचौलियों को कंपनी का संरक्षण प्राप्त है।
मनोज सिंह ने कहा कि जिन कर्मचारियों की नौकरी 2001 में समाप्त हुई, उनके आश्रितों को कंपनी नियोजन दे। अगर यह मांग नहीं मानी गई, तो संयंत्र को बंद करने की चेतावनी दी गई है।
भूतपूर्व कर्मचारियों ने याद दिलाया कि 1969 में उन्होंने मेहनत से उत्पादन की शुरुआत कराई थी। लेकिन माइनिंग बंद होने के बाद उनके बच्चों को कुछ नहीं मिला। जबकि कंपनी ने वादा किया था कि बकाया भुगतान और नियोजन दिया जाएगा।
संबोधन में लिटा मुर्मू, विशाल मुर्मू, विश्वनाथ महतो और तापस मदीना ने भी कहा कि एचसीएल प्रबंधन को भूतपूर्व कर्मचारियों की आवाज सुननी चाहिए।
पूर्व कर्मचारियों ने यह भी आरोप लगाया कि कंपनी उनके बकाया हड़पने के लिए अब ग्राम प्रधानों को प्राथमिकता दे रही है। उन्होंने कहा कि कंपनी के निर्माण में उनका श्रम है, परंतु अब उनकी उपेक्षा की जा रही है।
सभा में राखा कॉपर भूतपूर्व कर्मचारी एवं आश्रित संघ की नई कार्यकारिणी का गठन भी किया गया। सर्वसम्मति से विश्वनाथ महतो को अध्यक्ष और मनोज प्रताप सिंह को महामंत्री चुना गया।
उपाध्यक्ष के रूप में लिटा राम मुर्मू, विशाल महतो और अरविंद कुमार भक्त को जिम्मेदारी दी गई है। सचिव पद पर अजित पात्रों और कोषाध्यक्ष के रूप में वीएन शर्मा का चयन हुआ। इस कमिटी में संयंत्र के आसपास के गांवों से सभी पूर्व कर्मचारियों को प्रतिनिधित्व दिया गया है।
इसे भी पढ़ें : रांची-दिल्ली Air India Express की उड़ान रद्द, यात्रियों का फूटा गुस्सा – सांसद भी हुए परेशान