
देवघर: गोड्डा सांसद निशिकांत दुबे ने बैद्यनाथ कॉरिडोर प्रोजेक्ट को लेकर बड़ा आरोप लगाया है। उनका कहना है कि राज्य सरकार ने केंद्र के पर्यटन मंत्रालय को 900 करोड़ का प्रस्ताव भेजा है, जिसमें बैद्यनाथ मंदिर के सबसे पुराने और मुख्य सिंह द्वार को तोड़ने की योजना शामिल है।
दुबे ने कहा कि कॉरिडोर बनाने में उन्हें आपत्ति नहीं है, लेकिन यह स्थानीय लोगों की सहमति से होना चाहिए। उन्होंने साफ कहा — “जब तक मैं सांसद हूं, मंदिर की मौलिक संरचना से कोई छेड़छाड़ नहीं होने दूंगा।”
केस दर्ज होने का दावा
सांसद का कहना है कि इसी नक्शे का विरोध करने के कारण उन पर केस दर्ज किया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि देवघर के कुछ स्थानीय लोग, मुख्यमंत्री के साथ मिलकर, कॉरिडोर के नाम पर मंदिर की पौराणिकता को नुकसान पहुंचाने की कोशिश कर रहे हैं। दुबे ने कहा कि वे देवघर के सम्मान और मंदिर की परंपरा बचाने के लिए “हजार केस भी झेलने को तैयार” हैं।
वोटर लिस्ट सुधार और तिरंगा वितरण
दुबे ने बताया कि बिहार में वोटर लिस्ट सुधार की प्रक्रिया चल रही है और अब जल्द ही झारखंड में भी शुरू होगी। उन्होंने कहा कि ‘ऑपरेशन सिंदूर’ की सफलता पर वे गोड्डा लोकसभा क्षेत्र में एक लाख तिरंगा झंडा बांट रहे हैं, जिसकी शुरुआत रविवार से हो चुकी है।
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