
जमशेदपुर: बिष्टुपुर स्थित सत्यनारायण मारवाड़ी मंदिर में चल रही भागवत कथा के छठे दिन सोमवार को कथा व्यास हिमांशु महाराज ने भगवान श्रीकृष्ण की दिव्य लीलाओं का भावपूर्ण वर्णन किया। उन्होंने कृष्ण-रुक्मिणी विवाह प्रसंग पर प्रकाश डालते हुए कहा कि “सच्चे प्रेम की हमेशा परीक्षा होती है।” महारास की लीला के माध्यम से जीवात्मा और परमात्मा के मिलन की महिमा बताई।
महाराज ने चीरहरण, शरद पूर्णिमा की रासलीला, गोपी गीत और कंस वध की कथा का भी वर्णन किया। उन्होंने बताया कि मथुरा में अपने माता-पिता व नाना को कारावास से मुक्त कराने के बाद भगवान कृष्ण ने द्वारका नगरी का निर्माण करवाया और वहीं निवास किया।
इस अवसर पर महावीर नागेलिया, कुंज बिहारी नागेलिया, राजेश नागेलिया, ओमप्रकाश संघी, विनय अग्रवाल यजमान के रूप में उपस्थित रहे। प्रसाद का आयोजन मुरारी नागेलिया, ओमप्रकाश नागेलिया, ओमप्रकाश गोयल, मधुसुदन नागेलिया, अशोक नरेड़ी, वैभव राघव नागेलिया, अनिल गुप्ता व विजय नागेलिया की ओर से किया गया।
सातवें दिन मंगलवार को कथा व्यास हिमांशु महाराज धर्म, सत्य, कलियुग की महिमा तथा कृष्ण-सुदामा की मित्रता का प्रसंग सुनाएंगे। कथा का समापन हवन और संध्या 8 बजे से प्रसाद वितरण के साथ होगा।
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